पितरों की प्रसन्नता एवं विश्व कल्याण के लिए 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन हो रहा संगीतमय कथा आयोजन


रतलाम। श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर समस्त पितरों की प्रसन्नता, पितृ शांति एवं विश्व कल्याण की कामना से श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज की धर्मशाला रतलाम एवं श्री रामकृष्ण सेवा मंडल भक्तजनों द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का आयोजन 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक पूर्णेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज धर्मशाला में किया जा रहा है।
कथा का वाचन आचार्य पंडित योगेश्वर शास्त्री एवं पंडित मृदुल कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से किया जा रहा है। कथा के दौरान व्यास पीठ से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म एवं जीवन में सदाचार के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। संगीतमय कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं।
आयोजन के दौरान पोथी पूजन में अखिल भारतीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एवं समाज अध्यक्ष नयन व्यास, सचिव कुलदीप त्रिवेदी, उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति व्यास, कोषाध्यक्ष महेश ओझा, महिला मंडल अध्यक्ष रजनी व्यास सहित कोकिला ओझा, अर्चना जोशी, कुमुद अवस्थी, ज्योति व्यास, चंदा त्रिवेदी, समिति सदस्य अखिलेश शर्मा, पत्रकार शुभ दशोत्तर, जितेंद्र त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं भक्तजन उपस्थित रहे।
व्यास पीठ से पंडित शास्त्री ने कहा कि श्राद्ध पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण करने से पितरों की शांति एवं प्रसन्नता की कामना की जाती है। भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है तथा परिवार एवं समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सचिव कुलदीप त्रिवेदी ने धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने एवं धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।