

जावरा (अभय सुराणा) नो दिवसीय शाश्वत ओलिजी महातप अराधना के आज चौथे दिन तप अराधना करने वाले लगभग 150 महिला, पुरूष, युवक व युवतियों के स्वाद का परित्याग कर आयम्बिल तप कर ना केवल अपने कर्मों की निर्जरा की बल्कि जीन शासन की गौरव गरिमा में भी अभी वृद्धि की।
आज ओलिजी तपस्वियों के तप की अनुमोदना करते हुए श्री जैन श्वेताम्बर वरिष्ठ सेवा समिति के अध्यक्ष अभय सुराणा, उपाध्यक्ष पुखराज पटवा, सचिव अनिल चोपड़ा,वरिष्ठ सदस्य सुजानमल कोचट्टा, अनिल पावेचा,सरदारमल चोरड़िया,चन्दनमल कोठारी, सुरेन्द्र कोचट्टा, डॉ सुरेश मेहता पारसमल बरडीया,कमल नाहटा, अशोक झामर, शांतिलाल रूनवाल, सुरेन्द्र सुराणा, प्रकाश सोंधिया,संजय सुराणा विजय आंचलिया चिराग पटवा संदीप रांका आदि सदस्यों ने तप अनुमोदनार्थ सभी तपस्वियों को वन्दना करते हुए प्रभावना वितरित की।
उल्लेखनीय एवं वन्दनिय है कि विगत 41 वर्षों से आयोजित नवपद ओलिजी महातप की आराधना नगर में श्री राजेन्द्र जैन श्वेताम्बर पेढ़ी टृस्ट के तत्वावधान में सकल जैन श्वेताम्बर समाज द्वारा आयोजित होती है व 42 वी ओलिजी महातप के मुख्य लाभार्थी सम्पूर्ण नो दिवसीय ओलिजी महातप व अन्य सभी तपस्वियों के पारणे का लाभ श्री पारसमल जी हस्तीमल जी बरडिया परिवार द्वारा स्व.प्रवीणकुमार स्व.पवनकुमार बरडिया की पावन स्मृति में लिया। नवपद ओलिजी महातप के सम्पूर्ण आयोजन में पेढ़ी टृस्ट के महामंत्री श्री प्रकाश जी कांठेड़ व सुभाष टुकडीया व अशोक झामर का सहयोग सराहनीय है । श्री श्वेताम्बर जैन वरिष्ठ सेवा समिति सभी के पुरूषार्थ की सराहना करते हुए अनुमोदना करता है।