मेले में आज आर्केस्ट्रा का आयोजन




रतलाम । नगर निगम द्वारा 19 से 23 अप्रैल तक आयोजित पांच दिवसीय बरबड़ हनुमान मेले के दूसरे दिन निगम रंगमंच पर आयोजित राजस्थानी लोक गीत व नृत्य के कार्यक्रम में कलाकारों ने सुमधुर राजस्थानी लोक गीत व भजनों की प्रस्तुति देकर नागरिकों का भरपुर मनोरंजन किया वहीं राजस्थानी नृत्यों की हैरतअंगेज प्रस्तुतियां देकर आश्यर्चय चकित कर दिया।
कार्यक्रम की शुरूआत कलाकारों ने गणेश वंदना से की इसके बाद जयपुर के गायक किशोर जी माली ने राजस्थानी गीत घुमा दे म्हारा बाला जी घम्मर घम्मर घोटो, केसरिया बालम पधारो म्हारे देश की प्रस्तुती दी। उदयपुर की अन्नपूर्णा वैष्णव द्वारा राजस्थानी गीत मंडफिया रा मलिक दे दे, कारियो कुद पड़यो कूड़ा में, आपा मेरा में चालांगा , जेसे लोक गीतो की सुमधुर प्रस्तुति देकर नागरिकों का भरपुर मनोरंजन किया।
भीलवाड़ा की भवाई नृत्यांगना सोनिया सिंह ने 351 कलश अपने सिर पर रख कर भवाई नृत्य की प्रस्तुति दी वहीं मेवाड़ डांस ग्रुप के लकाकारो द्वारा मोर मोरनी नृत्य, कालबेलिया नृत्य, घोड़लियो नृत्य की प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम का समापन राजस्थान की शौर्यगाथा, हल्दी घाटी में समर लड़यो वो महाराना प्रताप कठे गीत से हुआ।
मेले प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज 22 अप्रैल सोमवार को आर्केस्ट्रा व मेले के अंतिम दिन 23 अप्रैल हनुमान जयंती पर एक शाम हनुमान के नाम भजन संध्या का आयोजन किया गया है। उक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुविभागीय अधिकारी रतलाम शहर से प्राप्त अनुमति अनुसार आदर्श आचरण संहिता के निर्देशों की पालना के तहत आयोजित किये जायेंगे।