क्रूरता और करुणा एक हृदय में एक साथ निवास नहीं कर सकती – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

पुणे आदिनाथ सोसायटी 26 अप्रैल 2024 । जब दिलों में क्रूरता का समावेश हो जाता है तब साधना उपासना सब मिट्टी में मिल जाती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि क्रूरता सज्जन को भी शैतान बना देती है ऐसी दुष्ट आत्मा का विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं है।
उन्होंने कहा कि क्रूरता आने पर किसी दूसरे का नुकसान हो जाना हो स्वयं ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक ब्रेन हेमरेज जैसी असाध्य रोगों का शिकार हो जाता है। मुनि कमलेश ने बताया कि क्रूरता हिंसा की जननी है आत्मा को दुर्गति प्रदान करती है ऐसा व्यक्ति लोकप्रिय नहीं हो सकता।
राष्ट्र संत ने कहा कि जिस प्रकार दिन और रात एक साथ नहीं रह सकते वैसे ही क्रूरता और करुणा एक हृदय में एक साथ निवास नहीं कर सकती। जैन संत ने बताया कि विश्व के सभी धर्म ने करुणा को धर्म की आत्मा और साधना का प्राण बताया है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के द्वारा विभिन्न आयामों के माध्यम से करुणा का संचार इंसान ही नहीं प्राणी मात्रा में किया जा रहा है । मूर्तिपूजक गुरुदेव ने राष्ट्र संत कमल मुनि के जीव दया के कार्यों की अनुमोदना करते हुए अभिनंदन किया । 28 अप्रैल से 1 मई तक महावीर प्रतिष्ठान में मुनि कमलेश के विराजने की सम्भावना है। जहां पर उनकी प्रेरणा से बना हुआ करीब 80 बहनों काचंदन वाला स्वाध्याय मंडल पूरे पुणे क्षेत्र को नेतृत्व प्रदान कर रहा है।