



बड़गांव मावल श्री आनंद गौतम गौशाला। जिसका हृदय मक्खन से मुलायम होता है पर पीड़ा से निस्वार्थ भाव से द्रवित हो जाता है वह धर्म का पात्र है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि जी कमलेश ने श्री आनंद गौतम गौशाला उद्घाटन समारोह पर व्यक्त करते कहा कि दूसरों को दुख से मुक्ति दिलाने के लिए अपने प्राण दांव पर लगा देता है वह तीर्थंकर बनता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की उपासना करने से आत्मा में निर्मलता सरलता करना और पवित्रता का संचार होता हो वही मोक्ष मार्ग है।
मुनि कमलेश ने बताया कि स्वार्थ अहंकार लोभ की क्रूर भावों से वात्सल्य करुणा को कुचलने वाला घोर हिंसा को जन्म देता है और सज्जन भी शैतान के रूप में परिवर्तन हो जाता है।
राष्ट्र संत ने कहा कि विश्व के जितने भी महापुरुष हुए हैं सभी ने करुणा और वात्सल्य को धर्म का प्रवेश द्वार बताया है। जैन संत ने कहा कि यह गौशाला ना होकर हजारों वर्षों तक लाखों जनता में करुणा सेवा और सद्भाव संचार करने का फिल्टर प्लांट है।
जैन दिवाकर मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता संदीप बाफना ने गौतम चंद शांतिलाल बाफना कि स्मृति में चार एकड़ जमीन मुनि कमलेश की प्रेरणा से गौशाला हेतु प्रदान की। इस मौके पर सुभाष मुथा, झुंबर लाल कर्णावत, विजय बालोतरा, रौनक अभय बाफना, अनीता बाफना, अनीता कर्णावत, आनंद जी भाई गुजराती, दिवाकर मंच महिला शाखा की सुनीता कटारिया जैन परंपरा विशेष रूप से उपस्थित थे। गाय माता को गुड़ खिलाया गया। 19 मैं से 25 में तक मुनि कमलेश मुंडावरे गुरुदेव सुरेश मुनि की सेवा में रहेंगे। बिहार के समय एक कुत्ता भी साथ-साथ में पदयात्रा के द्वारा सेवा का लाभ ले रहा देखकर सैकड़ो जनता के दिलों में श्रद्धा भक्ति के भाव उमड़ पड़े भागने पर भी नहीं जा रहा था।