पशु पालक शासन निर्देशों के तहत करें पशुओं का पालन
रतलाम 29 मई । राज्य सरकार द्वारा नगर पालिका क्षेत्र की सीमाओ की भीतर लोक मार्गे अथवा सार्वजनिक स्थानो पर आवारा पशुओ श्वान, बैल, धोडा, सुअर, ऊंट, खच्चर, बकरी, भेड या अन्य कोई पशु के समुचित नियंत्रण के लिये, मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (23 सन् 1956) की धारा 358 के साथ पठित धारा 433 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 (क्रंमाक 37 सन् 1961) की धारा 254 के साथ धारा 355,356 द्वारा प्रद्त्त शक्तियो को प्रयोग मे लाते हुए बनाये गये नियमों का पशु मालिक अनिर्वाय रूप से पालन करें व अपने पषुओं का 30 मई 2024 तक रजिस्ट्रेषन नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में अनिवार्य रूप से करवायें अन्यथा होगी दण्डात्मक कार्यवाही।
पशु मालिको को नगर पालिका की सीमा मे रखे गये या लाये गये प्रत्येक पषु का स्वामि इन तीन माह के अंदर अथवा उनके नगर पालिका की सीमाओ मे लाये जाने के सात दिवस के भीतर पशु के रजिस्ट्रीकरण के लिये नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में विहित प्रारूप क मे आवेदन करना होगा। जिसके तहत श्वान रजिस्ट्रेशन के लिये 150 व वार्षिक नवीनीकरण शुल्क 50 रूपये, मवेशी/बैल रजिस्ट्रीकरण शुल्क 200 व वार्षिक नवीनीकरण शुल्क 100 रूपये व अन्य पशु रजिस्ट्रेशन शुल्क 50 रूपये व वार्षिक नवीनीकरण शुल्क 25 रूपये जमा कराना अनिवार्य होगा। ऐसा करने मे असफल रहने पर स्वामी पर ऐसे पशु के रजिस्ट्रीकरण शुल्क का 10 गुना शास्ति अधिरोपित की जावेगी। साथ ही रजिस्ट्रीकरण शुल्क का भुगतान करेगा तथा पया चिकित्सक द्वारा सम्यक रूप से प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करेगा की पशु किसी संक्रमण रोग से पीडित नही है तथा वह इस प्रयोजन के लिये बनाये गये परिसर मे रखे जाने के लिये योग्य है।
पशु का रजिस्ट्रीकरण एक वर्ष के लिये विधिमान्य होगा रजिस्ट्रीकरण की अवधि की समाप्ति के पश्चात स्वामी 30 दिनो की अवधि के भीतर नवीनीकरण के लिये प्रारूप क मे आवेदन देगा, जिसमे असफल रहने पर विलंब के प्रत्येक दिन के लिये रजिस्ट्रीकरण शुल्क के 10 प्रतिशत की दर से शास्ति अधिरोपित की जावेगी।
यदी कोई ब्रांडिंग पशु दो बार से अधिक आवारा भटकते हुए पाया जावे तो अनुज्ञापन प्राधिकारी उक्त पशु के स्वामी को 07 दिवस के भीतर स्पष्टिकरण देने हेतु नोटिस जारी किया जावेगा। यदि अनुज्ञापन प्राधिकारी का पशु स्वामी द्वारा दिये गये स्पष्टिकरण से सामाधान नही होता है, तो वह रजिस्ट्रीकरण रदद् करने तथा परिशिष्ट 02 मे यथाविहीत शास्ति प्रथम अपराध पर श्वान के 100, द्वितीय पर 200, तृतीय पर 500 व कांजी हाउस में निरोध का शुल्क 50 रूपये प्रतिदिन, प्रथम अपराध पर मवेशी/बैल के 200, द्वितीय पर 500, तृतीय पर 1000, व कांजी हाउस में निरोध का शुल्क 150 रूपये प्रतिदिन, प्रथम अपराध पर अन्य पशु के 100, द्वितीय पर 200, तृतीय पर 500 व कांजी हाउस में निरोध का शुल्क 100 रूपये प्रतिदिन के मान से वसूल किया जायेगा। इसके अतिरिक्त पशु को जब्त जावेगा तथा नीलामी द्वारा निपटान किया जावेगा। यह नियम पशु प्रदर्शन इत्यादि के लिये लाये जाने वाले पशुओं पर भी लागू होगा। किसी पशु का स्वामी या प्राधिकृत नियंत्रक किसी व्यक्ति को परेशानी या नुकसान से बचाने के लिये किसी पशु को स्वतंत्र, सुरक्षित रूप से थुथनबंद या साजबंद किये बिना या जंजीर से बांधे बिना किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नहीं ले जाया जा सकेगा।
30 मई 2024 तक नगर के सभी पशु पालकों को अपने पशुओं का निर्धारित शुल्क जमा कर नगर निगम में पंजीयन कराना अनिवार्य है। नियत समयावधि में पंजीयन नहीं कराने पर नगर में घूमते हुए पशु को आवारा पशु मानते हुए जब्त करने की कार्यवाही की जायेगी।
नगर निगम द्वारा श्वान, मवेशी/बैल व अन्य पशु पालकों से अपील की जाती है कि वे नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर अपने पशुओं का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करवायें।