बेटे ने पूरा किया पिता के नेत्रदान का संकल्प, 28 मई को भरतलाल पांचाल का हुआ निधन

रतलाम। जीते जी समाज सेवा तथा मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने वाली 55 वर्षीय भरतलाल पांचाल हतनारा वाले की आंखों से दो लोगों के जीवन में नई रोशनी आएगी रतलाम के जनता नगर निवासी कंस्ट्रक्शन ठेकेदार भरतलाल पांचाल ने मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लिया था। जिनकी मृत्यु उपरांत उनके बेटैं राहुल पांचाल ने उनके इस संकल्प को पूरा किया।
रतलाम पांचाल समाज अध्यक्ष संदीप समरथमल पांचाल ने बताया ने कि भरतलाल पांचाल समाज सेवा एवं जनहित के कार्य में हमेशा सक्रिय रहते थे ।28 मई को सुबह 8 बजे पुजा पाठ करते हुए दिल का दोरा पड़ने से निधन हो गया। परिवारजनो ने यह निर्णय लिया की पिताजी की इच्छा थी की वे नेत्रहीन लोगों के लिए अपनी आंखें दान करें व हमेशा समाज सेवा से जुड़े हुए कामों में लगे रहते थे । परिवारजनो की सूचना पर जेन श्वेताम्बर सोशल ग्रुप द्वारा संचालित गीता भवन न्यास समिति बड़नगर के सदस्यो द्वारा 28 मई को सुबह मृतका के घर आकर सफलता पूर्वक नेत्रदान के कार्य को पूर्ण करते हुए दोनों नेत्रों की पुतली को निकाल कर सुरक्षित किया। परिजनों की सार्थक पहल के बाद दान किए नेत्रों से दो नेत्रहीनों को नेत्र ज्योति मिल सकेगी। नेत्र दान की अनुकरणीय पहल पांचाल समाज व रतलाम शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इस बात से प्रेरणा लेकर मृत्यु उपरांत नेत्रदान का मन बना रहे हैं। मंगलवार को को जनता नगर निवास स्थान पर बड़नगर से आऐ समिति सदस्यों ने प्रमाण पत्र को मृतका भरतलाल पांचाल के पुत्र राहुल व नवीन गजधर तथा पुत्री गायत्री पांचाल को सोंपा तथा उनके सराहनीय कदम की तारीफ करते हुए हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया।