रतलाम। स्वास्थ्य बीमा आज की हर वर्ग की महत्ती आवश्यकता है। इस तथ्य को कोरोना काल में आमजन ने अच्छे से अनुभव किया है। फलस्वरुप स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में व्यापक उछाल आया है किन्तु बीमा कंपनियों की कार्य प्रणाली पॉलिसीधारकों के प्रति पॉलिसी लेते समय व दावा राशि का भुगतान करते समय अलग अलग होने से उपभोक्ताओं को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
ऐसे ही एक प्रकरण में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग जिला रतलाम ने स्टार हेल्थ एण्ड अलाईड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को परिवादी को चिकित्सा दावे के विरुद्ध 24,113/- रुपये मानसिक संत्रास हेतु 2 हजार रुपये व परिवाद व्यय 2 हजार रुपये मय ब्याज के अदायगी का आदेश पारित किया।
परिवादी के अभिभाषक ओ.पी. चौधरी ने बताया कि तेजा नगर रतलाम निवासी निखिल पिता सौभाग्यमल जैन ने अपने 4 सदस्यीय परिवार के लिए दिनांक २२.०७.२०२२ से 21.07.2023 की अवधि हेतु नवीनकरण किया था। स्टार हेल्थ एण्ड एलाईड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से स्वास्थ्य बीमा लिया था जिसे उन्होंने दिनांक 21.07.2024 की अवधि हेतु नवीनीकृत करवाया था। इस बीच उनकी पत्नी श्रीमती प्रिया जैन का स्वास्थ्य खराब होने पर स्थानीय निजी चिकित्सालय में दिनांक 03.09.2023 को भर्ती करवाया गया था जिसे सुधार होने पर दिनांक 5.9.2023 को डिस्चार्ज करवाया गया व घर पर ही स्वास्थ्य लाभ लेने हेतु सलाह दी गई थी। बीमा कंपनी को परिवादी द्वारा निजी अस्पताल का बिल भुगतान करने का निवेदन किया गया तो उन्होंने स्वय भुगतान करने व कागजात प्रस्तुत करने पर पुन: भुगतान का आश्वासन दिया। परिवादी द्वारा दिनांक 22.09.2023 को बीमा कंपनी को सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर दिये गये। भुगतान करने के स्थान पर स्टार हेल्थ एण्ड अलाईड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा 25.9.2023 को दावा देरी से प्रस्तुत करने के आधार पर निरस्त कर दिया गया। परिवादी द्वारा पुर्नविचार आवेदन भी बीमा कंपनी को दिनांक 30.09.2023 को प्रस्तुत किया व सहानुभूति पूर्ण निराकरण हेतु निवेदन किया किन्तु बीमा कंपनी द्वारा अमान्य कर दिया गया। इसके उपरांत परिवादी द्वारा अभिभाषक ओ.पी. चौधरी के माध्यम से उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग रतलाम में परिवाद प्रस्तुत किया गया। परिवादी के अभिभाषक व बीमा कंपनी के अभिभाषक के तर्को एवं तथ्यों पर विचारण के पश्चात फोरम के अध्यक्ष मुकेश कुमार तिवारी व सदस्य जयमाला संघवी ने आदेश पारित कर परिवादी की पत्नी के इलाज पर व्यय की गई राशि की प्रतिपूर्ति हेतु प्रस्तुत दावे को अनुचित आधार पर निरस्त कर सेवा में कमी करना पाया। फलस्वरुप दावा की राशि 24,113 रुपए मय ब्याज के व संत्रास शुल्क, परिवाद व्यय सहित भुगतान करने का आदेश पारित किया।