रतलाम। जय मां संकल्पवान उच्च मानव समाज संगठन द्वारा मानव अधिकार दिवस पर जन-जागरूकता शिविर एम्पलाइज यूनियन कार्यालय पर हिंद मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री गोविन्दलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य, पूर्व महापौर पारस सकलेेचा के विशेष आतिथ्य तथा मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ केे वरिष्ठ मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष शरद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री शर्मा ने कहा कि आज के युग में जबकि सबसे अधिक मानव अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता है, ऐसे समय मानव अधिकारों का हनन हर क्षेत्र में हो रहा है। कोरोना काल केे बाद तो ऐसा कोई वर्ग नहीं बचा जो मानव अधिकारों के हनन का शिकार नहीं हुआ, चाहे वह शिक्षा क्षेत्र हो, धार्मिक हो, सामाजिक हो या फिर रोजगाार सेे जुड़ा हो, जो भी व्यक्ति मानव अधिकारों को जागरूक करने का प्रयास करता है वह दमन और उत्पीडऩ का शिकार हो जाता है। हम वर्षों से रेलवेे क्षेत्र में मानव अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत है। हमारी ट्रेड यूनियन वेस्टर्न रेलवेे एम्पलाईज यूनियन भी रेलकर्मियों के अधिकारों के लिए सतत संघर्षशील है। कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वह समाज केे हर वर्ग को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाए। सरकार रोजगार के नाम पर छल बंद करे-श्री सकलेेचा श्री सकलेचा ने अपने द्वारा सूचना के अधिकारों के माध्यम सेे दमन और उत्पीडि़त लोगों के लिए लड़ी लड़ाई का जिक्र किया और कहा कि कई याचिकाएं उनकी सर्वोच्च और उच्च न्यायालय में लंबित हैै। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवाओं में जिस प्रकार से बेेरोजगारों को नौकरी पर रखा जा रहा है वह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। न तो नौकरी की सुरक्षा है और ना ही युवकों का भविष्य। सरकार को चाहिए कि वह रोजगार केे नाम पर छल बंद करे और बेेरोजगारों को स्थाई रुप से रोजगार देे। लोगों को जागरूक होना पड़ेगाश्री सकलेेचा ने सरकारी सेवाओं के साथ ही उद्योगों में श्रमिकों के साथ किए जा रहे शोषण की भी आलोचना की और कहा कि लोगों को जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना सिखना होगाा तभी हम मानव अधिकारों की सही रुप में रक्षा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासंघ ने 10 दिसंबर 1948 को विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर प्रथम बार मानव अधिकार के बारे में बात रखी थी। इसी के बाद 1950 से हर वर्ष 10 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र ने विश्व मानवाधिकार दिवस मनाना तय किया। भारत में मानव अधिकार कानून 28 सितंबर 1993 से अमल में लाया गया। तभी से इसकेे हितों के बारे में विचार किया जाने लगा। उन्होंने आयोजकों को बधाई दी, जो मानव अधिकार को जागृत करने की दिशा में कार्य कर रहे है। कोरोना काल में लोगों के चेहरे से मुस्कुराहट गायब हो गई-श्री जोशी श्री जोशी ने कहा कि इन वर्षों में विशेषकर कोरोना काल में लोगों के चेहरे से मुस्कुराहट गायब हो गई है, यह चिंता का विषय है। सबसे अधिक प्रभाव लोगों की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है इसी कारण सभी क्षेत्रों में लोग पिछड़ते जा रहे है। मीडियाकर्मियों पर भी सरकार की नीतियों, अखबार मालिकों की द्वेषपूर्ण नीति के कारण आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है, जिससेे उनके सामने जीवन यापन का संकट उत्पन्न हो गया है। संविधान का यह अंग आज याचक की भूमिका में है श्री जोशी ने कहाकि मीडिया को संविधान की खबर पालिका के रुप में मान्यता दी जाती है, लेकिन संविधान का यह अंग आज याचक की भूमिका में है। सरकार और जनता को चाहिए कि वह संविधान की इस प्रमुख अंग की रक्षा केे लिए प्रयास करे। यदि यह अंग भंग हो गया तो जनता के अधिकारों के लिए कौन लड़ाई लड़ेगा इस पर विचार किया जाना जरूरी है। मीडिया को भी चाहिए कि वह जागरूक होकर अपने हितों के लिए लड़ाई लड़ेे और समाज को भी मानव अधिकारों के प्रति जागरूक रखनेे केे अपने कर्तव्य का निर्वहन करेें। कार्यक्रम केे संयोजक तथा संगठन के अध्यक्ष मितेश भरकुंदिया ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और कहा कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आज मनाया जाता है। स्वास्थ्य,आर्थिक, सामाजिक और शिक्षा को मानव अधिकार में शामिल किया गया है। मानव अधिकार मूलभूत अधिकार है, जिनमें मनुष्य को नस्ल,जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के आधार पर प्रताडि़त नहीं किया जा सकता और ना ही उन्हें वंचित रखा जा सकता है। संविधान में भी मानव अधिकार की ग्यारंटी दी गई है। इस अवसर पर वेस्टर्न रेलवेे एम्पलाईज यूनियन केे मंडल मंत्री मनोहर बारोठ, मंडल सहमंत्री नरेन्द्र सोलंकी, सामाजिक कार्यकर्ता मुशीर अहमद, प्रवक्ता अशोक तिवारी उपस्थित थे। संविधान दिवस पर संस्था द्वारा आयोजित जागरूकता प्रश्न प्रतियोगिता में प्रतियोगियों पुरूष वर्ग में प्रथम देवांशु यादव , महिला वर्ग में प्रथम उर्मिता परमार सहित श्रुती जोशी, श्रवण गोयत एडवोकेट, आकांक्षा वर्मा, कामिनी गोयत को पुरूस्कृत किया गया। आभार मनीष शर्मा ने माना।