पीड़ित मानव की सेवा करना चारों धाम और तीर्थ की यात्रा से भी बढ़कर है – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

पुणे येरवडा जैन स्थानक 1 फरवरी । जो साधना, त्याग, तपस्या करते हुए सेवा धर्म को अनदेखा करते हैं उनकी साधना मुर्दे को श्रृंगार करने के समान है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने पुणे हॉस्पिटल मे संबोधित करते कहा कि प्रभु खुदा और भगवान को मंदिर मस्जिद में ढूंढने से नहीं मिलेंगे उनका निवास तो अभावग्रस्त बीमार पीड़ित और वृद्धो की आदि प्राणियों की आत्मा में है ।
उन्होंने कहा कि सभी धर्म ग्रंथ और पंथ की परंपराएं अलग हो सकती है लेकिन सेवा को सभी ने एक स्वर में स्वीकार किया है । मुनि कमलेश ने कहा कि निष्काम और निस्वार्थ भाव से प्राणी मात्र में समर्पित होना सर्वोपरि धर्म बताया है । राष्ट्र संत ने कहा कि किसी पीड़ित मानव की सेवा करना चारों धाम और तीर्थ की यात्रा से भी बढ़कर है मानव सेवा ही माधव सेवा है ।
कोटा संप्रदाय के प्रखर वक्ता श्री गौरव मुनि जी के अचानक सीडीओ से फिसलने पर पांव में फैक्चर हुआ पुणे हॉस्पिटल में भर्ती किया मुनि कमलेश ने सारे कार्यक्रम निरस्त करके तत्काल सेवा में पहुंचे डॉक्टर से चर्चा की सूजन उतरने पर ऑपरेशन किया जाएगा। सक्षम मुनि जी गीतार्थ ऋषि अचल ऋषि अभिनंदन मुनि भी सेवा में पहुंच चुके हैं। 2 फरवरी को मुनि कमलेश चंदन नगर पधारेंगे। 3 फरवरी को वाघोली युवाचार्य प्रवर श्री महेंद्र ऋषि जी एवं राष्ट्र संत कमल मुनि जीकमलेश उप प्रवर्तनी महासती सत्य साधना जी प्रवर्तनी महासती प्रतिभा जी करीब 70 गुरु भगवंत महासती जी पधारने वाले हैं। केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोलो, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल, मंत्री माधुरी ताई मि साल, सांसद अमोल जी कोल्है, विधायक ज्ञानेश्वर कटके, विधायक राहुल कलबापू साहेब पठारे विशेष अतिथि के रूप में पधारेंगे। जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल जैन अनेक पदाधिकारी पधार रहे हैं।