

रतलाम। सनातन सुरक्षा दल के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश चतुर्वेदी जी , राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष राजकुमार सनातनी के लक्ष्यो को व राष्ट्रीय महासचिव धीरज कुमार दुबे के निर्देशनो को दृष्टिगत रखते हुए सनातन सुरक्षा दल के राष्ट्रीय सलाहकार पंडित ओम प्रकाश ओझा रतलामी की उपस्थिति में एवं प्रदेश उपाध्यक्ष महेश जी शर्मा एवं भगवा स्वयं सेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोतीलाल जी के नेतृत्व में रतलाम शहर के प्रिय दर्शनी नगर में बालाजी भगवान के मंदिर पर आयोजित की जा रही। पंचम दिवस की राम कथा में सनातन सुरक्षा दल एवं भगवा स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने कुमकुम चंदन अक्षत से पोथी पुजन कर संगीत मय कथा वाचक पंडित श्री योगेश्वर शास्त्री जी का सम्मान श्री फल भेंट कर व शाल ओढ़ाकर कर किया, साथ ही साथ सीतार वादक,तबला वादक, हारमोनियम वादक मजीरा वादक, मंदीर के पुजारी जी व आयोजन कर्ता समीती के सदस्यों का भी स्वागत संम्मान श्याम नाम व राधा कृष्ण के चित्र वाले दुपट्टे ओढ़ाकर किया गया। पंडित शास्त्री जी ने के इस आयोजन पर अपनें व्यक्तव्यों में बताया की आप चाहें किसी भी जाति धर्म पंथ से संबंध रखते हों लेकिन सृष्टि का मुल सनातन ही है ओर सनातन संस्कृति की रक्षा करना प्रत्येक मानव का लक्ष्य होना चाहिए सनातन संस्कृति की सुरक्षा ही हर सनातनी भारतीय का मुल उद्देश्य होगा तभी भारत हिंदू राष्ट्र बन सकेंगा,गो रक्षा हों सकेगी, माता बहनों बेटियों की रक्षा हो सकेगी हम सनातन संस्कृति सुरक्षा से भटक गये तों हमारा पुर्ण जिवन भटकते हुए ही बीत जाएगा ओर हम अनेका अनेक योनियों में भटकने के बाद भी प्रभु के प्रभुत्व को प्राप्त नहीं कर सकेंगे। यहां स्वागत सत्कार की श्रंखला में उपस्थित रहकर शास्त्री जी के ओजस्वी शब्दों द्वारा आशीर्वचन प्राप्त करने वालों में पंडित ओम प्रकाश ओझा रतलामी सनातन सुरक्षा दल राष्ट्रीय सलाहकार, पंडित महेश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष सनातन सुरक्षा दल, मोतीलाल जैन भगवा स्वयं सेवक संघ प्रदेश अध्यक्ष, नवीन पंवार भगवा स्वयं सेवक संघ, संतोष बैरागी भगवा स्वयं सेवक संघ, नरेंद्र सोनगरा जिला मीडिया प्रभारी सनातन सुरक्षा दल,बाबु लाल टांक सनातन सुरक्षा दल, नितीन देवड़ा सनातन सुरक्षा दल, ओम प्रकाश तीवारी सनातन सुरक्षा दल, शेलेन्द्र ओझा सनातन सुरक्षा दल, दिनेश जोशी सनातन सुरक्षा दल, मुकेश सोनी सनातन सुरक्षा दल, हरिष पंड्या आदि सनातन सुरक्षा दल सहित धर्मालुजन उपस्थित थे। इस अवसर पर सनातनी भाईयो द्वारा शास्त्री जी मधुर वाणी से संगित मय राम कथा का रसपान किया गया तथा सनातन संस्कृति की रक्षा का प्रण किया गया।