गच्छाधिपति जी का चातुर्मास कमाठीपुरा मुम्बई मे




जावरा (अभय सुराणा) । प.पु.त्रिस्तुतिक संघ नायक, गच्छाधिपति, वर्तमानाचार्य श्रीमद्विजय हितेशचंद्र सूरीश्वर जी म सा के आज क्रियोद्धार पुण्य भूमि जावरा नगर में सुरिमंत्र आराधना पूर्णाहुति का भव्य इतिहास सर्जक आयोजन सम्पन्न हुआ।
प्रातः 9 बजे पूज्य श्री को समारोह पूर्वक साधना स्थल से धर्मसभा स्थल पर ले जाया गया। प्रातः 9.30 सूरी मंत्र आराधना का पूर्णाहूति कार्यक्रम पूज्य श्री के मंगलाचरण से प्रारम्भ हुआ तत्पश्चात सामूहिक गुरुवंदन हुवे ,पश्चात मुनीराज श्री दिव्यचन्द्र विजय जी म सा ने सभा को संबोधित कर सूरी मंत्र आराधना के बारे विस्तृत जानकारी प्रदान कर 14 दिवस में जिन जिन कार्यकर्ताओ ने सहयोग दिया सभी को आशीर्वाद प्रदान किया,पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से प्रथम मांगलिक कान में श्रवण करने का चढ़ावा इन्दोर निवासी मोतीचंद प्रकाशचंद व्होरा ने लिया, गुरु देव की गुरु पूजा का लाभ उज्जैन निवासी मनीष विशाल पीपाड़ा परिवार ने, सुरिमंत्र लिखित कासे की थाली ग्रहण करने का चढ़ावा जिनेन्द्र कुमार जी मेघराज जी लोढ़ा इन्दोर,ने लिया
इस अवसर पर जावरा दादावाड़ी ट्रस्ट मण्डल, रतलाम श्रीसंघ, त्रिस्तुतिक श्रीसंघ मंदसौर, श्रीसंघ झाबुआ एवं श्री त्रिस्तुतिक श्रीसंघ कमाठीपुरा मुम्बई द्वारा वर्ष 2025 के चातुर्मास हेतु भाव भरी विनती की।
गच्छाधिपति जी ने सभी श्रीसंघों की विनती को ध्यान से सुना एवं विचार कर पूज्य गुरुदेव श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी म सा ने धर्मसभा में उपस्थित जन मेदनी के समक्ष वर्ष 2025 का चातुर्मास मुम्बई कमाठीपुरा त्रिस्तुतिक श्रीसंघ को प्रदान किया। घोषणा होते ही कमाठीपुरा श्रीसंघ ने हर्ष व्यक्त कर गच्छाधिपति जी को काम्बली अर्पण करी। कमाठीपुरा त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के अध्यक्ष श्री जोइत कुमार जी भन्साली ने आचार्य श्री का आभार व्यक्त करते हुवे कहा यह हमारा परम सौभाग्य है कि कमाठीपुरा में सर्व प्रथम बार किसी गच्छाधिपति जी का चातुर्मास मिला है। उपस्थित सभी गुरु भक्तों को मुम्बई चातुर्मास में पधारने का आग्रह श्री भंसाली जी ने किया। इस अवसर पर पूज्य श्री ने श्री मेघराज जी लोढ़ा परिवार जे निवेदन पर जावरा पिपली बाजार मंदिर में गुरु मंदिर के ध्वजा दंड स्थापित करने का मुहूर्त 9 मार्च 2025 का प्रदान किया
धर्मसभा को मुनि वैराग्य यश विजय जी म सा ने भी 2027 में गुरुदेव राजेन्द्र सुरी जी के जन्म जयंती के 200 वर्ष पूर्ण होने पर सम्पूर्ण भारत आयोजन करने एवँ रथ यात्रा निकालने का आव्हान किया।
पूज्य गच्छाधिपति जी अंत मे गुरु भक्तों को महा मांगलिक प्रदान करी अंत उपस्थित गुरु भक्तों को सूरी मंत्र से अभी मंत्रित वासक्षेप एवं माला प्रदान करी। संचालन अमित चत्तर ने, चढ़ावे विधि कारक रत्नेश जैन इन्दोर ने एवं संगीत मय भक्ति युवा गायक चिराग चोपड़ा ने प्रस्तुत करी।
त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल चोपडा ने बताया कि धर्मसभा को मोहनखेड़ा के ट्रस्टी सुजानमल सेठ, मेघराज जैन, दादावाड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष समाज रत्न के एल सकलेचा , श्रीसंघ जावरा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश चोरडिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नागदा, खाचरोद, बड़ावदा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, इन्दोर, बदनावर,बामनिया, जालोर, आहोर,भीनमाल , आष्टा, निसरपुर के श्रद्धालु उपस्थित थे। जावरा संघ के उपाध्यक्ष राजेन्द्र राठौड़, अभय चोपड़ा, महेंद्र ओरा, दादावाड़ी ट्रस्टी सरदारमल लोढ़ा, चंदनमल कोठारी, मिट्ठूलाल ओस्तवाल,अशोक कोठारी, कमल नाहटा, धर्मचन्द्र चपडोद, भूपेंद्र रुणवाल, मोतीलाल चपडोद, सुरेंद्र सुराणा, पीयूष चपडोद,अंकित लुक्कड़, अर्पित चत्तर,विभोर जैन,मनीष मेहता, भावेश हरण, दीपकराज चंडालिया, का सक्रिय सहयोग सम्पूर्ण आयोजन में रहा।