नवाचार से बच सकती हैं कई अस्थमा मरीजो की जाने

रतलाम 3 जून। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली द्वारा ’इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2026’ के तहत मध्यप्रदेश शासन का नेतृत्व रतलाम जिले के प्रतिभाशाली छात्र राघव चौधरी द्वारा किया जाएगा। राघव चौधरी ने अपनी अभिनव सोच और वैज्ञानिकदृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राघव का चयन जापान के प्रतिष्ठित सकूरा साइंस प्रोग्राम के तहत जापान में सहभागिता हेतु हुआ है। यह अवसर उन्हें उनके नवाचार एडवांस इनहेलर ट्रैकिंग सिस्टम के लिए मिला है, जिसका उद्देश्य अस्थमा मरीजों को आपातकालीन स्थिति में समय पर इनहेलर उपलब्ध कराना है।
राघव ने बताया कि वर्ष 2022 में कक्षा 8वीं के दौरान उन्होने इस प्रोजेक्ट को विकसित किया था। यह स्मार्ट सिस्टम आईआर सेंसर, एलईडी इंडिकेटर, सायरन और ट्रैकिंग तकनीक से लैस है, जिसकी सहायता से मरीज अंधेरे में या कहीं छिपे हुए इनहेलर को आसानी से खोज सकते हैं। डिवाइस में मोबाइल ऐप आधारित नोटिफिकेशन सुविधा भी है, जो इनहेलर के निर्धारित रेंज से बाहर जाने पर तुरंत सूचना देती है।
राघव ने बताया कि प्रतियोगिता में जिला स्तर पर चयनित शीर्ष 10 नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भेजा जाता है, जहां उनके उपयोग, प्रभाव और नवाचार क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। उत्कृष्ट परियोजनाओं को राष्ट्रीय विजेता घोषित किया जाता है, जबकि कुछ को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए चुना जाता है।
राघव 28 जून से 4 जुलाई 2026 तक जापान में आयोजित सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगें। इस दौरान उन्हें नई वैज्ञानिक तकनीकों को समझने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नवाचारों से सीखने का अवसर मिलेगा।
इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने राघव को शुभकामनाएं देते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी नवाचार और शोध गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। राघव का यह नवाचार विशेष रूप से वृद्ध और गंभीर अस्थमा मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। कई बार अस्थमा अटैक के दौरान कुछ सेकंड ही महत्वपूर्ण होते हैं और ऐसे समय में इनहेलर का तुरंत मिलना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। राघव की यह सफलता न केवल रतलाम जिले, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है और युवाओं को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है ।