प्रयागराज महाकुंभ मालवांचल का प्रतिनिधित्व कर अमृत वचनों की गंगा बहाई

रतलाम। आस्था का महापर्व कुंभ मेला देश दुनिया की जनता जनार्दन सनातनमय परिवेश में भारत की आधी आबादी प्रयागराज त्रिवेणी संगम में समाहित हो गई जहाँ आपसी भाईचारा सौहार्द देख विश्व की हर सरहदें अचंभित है मालवांचल का प्रतिनिधित्व करते हुए धर्म नगरी रतलाम श्रृंगेरी मठ के दण्डी स्वामी आत्मानंद जी सरस्वती महाराज ने तीर्थ नगरी प्रयागराज में विश्व कांत भारती के महा निर्वाणी गोविन्द मठ में अमृत वचनों की गंगा बहाते हुए लाखों भक्त जनों ने भागवत कथा का रसवादन किया ।
नगर आगमन पर गुरु संत भगवन स्वरूप स्वामी जी का स्वागत सम्मान शाल श्रीफल पुष्पमालाओ से वाघेला गोसेवा जीवदया समिति, दंडी स्वामी मठ भक्त मंडल प्रमुख दिनेश वाघेला द्वारा किया गया स्वामी जी व रतलाम नगर से पहुचे अन्य भक्तों ने प्रयागराज महाकुंभ में बिताए ऐतिहासिक पलों अनुभवों को साझा किया ।
गो सेवको में बाबूलाल सिसोदिया, श्याम सुंदर उपाध्याय, कैलाश सोमानी, महावीर सिंह शक्तावत, महेश ओझा, पतंजलि जिलाध्यक्ष विशाल कुमार वर्मा, विकास वर्मा, श्रीमती शकुन्तला सिसोदिया, श्रीमती श्यामा वाघेला, श्रीमती विमलेश वर्मा, श्रीमती कोकीला ओझा, श्रीमती आशा भट्ट, श्रीमती हीना मेहता, वाघेला गोसेवा जीवदया समिति, श्री माली कुंवा मंडल, अखिलेश्वर महादेव महिला मंडल अन्य श्रद्धालुओं ने आशिर्वाद दिया विशेष तौर पर निगम एमआईसी सदस्य धर्मेन्द्र व्यास, हार्दिक मेहता उपस्थित रहे ।