ट्युबवेल खनन की मंजूरी देने हेतु रिश्वत लेने वाले तत्कालीन रीडर कार्यालय एसडीएम सैलाना को 04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया

रतलाम । विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन के विशेष प्रकरण क्रमांक 07/2022 में माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्रीमान् आदित्य रावत द्वारा आज दिनांक 26.03.2025 को पारित अपने निर्णय में आरोपी मनीष विजयवर्गीय उम्र 43 वर्ष , तत्कालीन रीडर, कार्यालय एसडीएम सैलाना जिला रतलाम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में दोषसिद्ध पाते हुऐ 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथ़ा राशि 2000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री कृष्णकांत चोहान द्वारा की गई।
प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी जिला रतलाम श्री गोल्डन राय के द्वारा बताया गया कि दिनांक 31.12.2018 को आवेदक हरिवल्लभ बामनिया ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थिति होकर एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया कि उसके द्वारा वर्ष 2016 में अल्प बचत से 600 स्क्वेयर फीट का प्लाट सैलाना में मकान बनाने हेतु क्रय किया गया था। उक्त प्लाट पर मकान निर्माण हेतु ट्युबवेल का खनन कराना चाहता हॅूं जिसके लिए मेरे द्वारा एसडीएम कार्यालय सैलाना में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। परन्तु लम्बे समय तक एसडीएम कार्यालय सैलाना के चक्कर लगाने के बाद भी ट्युबवेल खनन की मंजूरी प्राप्त नही हुई। इस संबंध में मैं एसडीएम सैलाना के रीडर मनीष विजयवर्गीय से मिला तो उन्होने मुझसे ट्युबवेल खनन की मंजूरी के देने हेतु 5,000/- रूपए रिश्वत की मांग की है।
आवेदक हरिवल्लभ बामनिया द्वारा दिए गए आवेदन पर उप पुलिस अधीक्षक वेदान्त शर्मा, विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि की जाने के लिए आवेदक को रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर दिया तथा आरोपी मनीष विजयवर्गीय और आवेदक हरिवल्लभ बामनिया के मध्य हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग कराई गई। रिश्वत संबंधी बातचीत के दौरान आरोपी मनीष विजयवर्गीय से रिश्वत की राशि कम करने के निवेदन करने वह 3,000/- रूपए रिश्वत राशि लेने हेतु सहमत हो गया।
तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर, विधिवत ट्रैप कार्यवाही दिनांक 03.01.2019 कार्यालय एसडीएम सैलाना जिला रतलाम से आरोपी मनीष विजयवर्गीय को आवेदक हरिवल्लभ बामनिया से 3,000/- रूपए रिश्वत लेते हुऐ लोकायुक्त के निरीक्षक वेदान्त शर्मा के द्वारा ट्रेप किया गया। आवेदक हरिवल्लभ बामनिया ने निरीक्षक वेदान्त शर्मा को बताया कि आरोपी मनीष विजयवर्गीय,रीडर, कार्यालय एसडीएम, सैलाना के मांगने पर उसने रिश्वत की राशि 3,000/- हाथ में दिये है, जो उसने रिश्वत की राशि 3,000/- उसने अपनी पहनी हुई पेंट के आगे की बांयी जेब में रख लिए है। निरीक्षक वेदान्त शर्मा ने विज्ञप्त पंच साक्षी श्री विमल कुमार सुर्यवंशी से कहा कि वे आरोपी मनीष विजयवर्गीय से पूछे कि आवेदक हरिवल्लभ बामनिया से ली रिश्वत राशि कहा रखी है तो आरोपी मनीष विजयवर्गीय द्वारा बताया गया कि हरिवल्लभ बामनिया से 3,000/- रूपए अपने हाथों में लेकर अपनी पहनी हुई पेंट के आगे की बांयी जेब में रख लिए है। इसके बाद विज्ञप्त पंच विमल कुमार सूर्यवंशी ने आरोपी मनीष विजयवर्गीय के पेंट की आगे की बांयी जेब में हाथ डालकर रिश्वत के रूपए निकाले और गिने तो 500-500 रूपए 6 नोट कुल 3,000/- रूपए निकले।
इन करेंसी नोटो के नंबरों का मिलान किए जाने पर ये नोट वही नोट पाए गए, जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पावडर लगाकर आवेदक हरिवल्लभ बामनिया की जेब में रखवाए गए थे। मौके पर आरोपी मनीष विजयवर्गीय के हाथों को सोडियम कार्बोनेट पाउडर के घोल में धुलवाया गया तो घोल का रंग गुलाबी हो गया। एफ.एस.एल. द्वारा रासायनिक परीक्षण में आरोपी के हाथ धुलवाने के घोल और उसकी पहनी हुई पेंट के आगे की बांयी जेब जहां रिश्वत की राशि रखी गई थी के पोछन के घोल में फिनाफ्थलीन का परीक्षण धनात्मक पाया था।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र विशेष न्यायालय रतलाम में दिनांक 18.01.2023 को अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा मनीष विजयवर्गीय, उम्र 43 वर्ष जाति वैष्णव, तत्कालीन रीडर, कार्यालय एसडीएम सैलाना जिला रतलाम को दोषसिद्ध किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री कृष्णकांत चोहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।