संसार चिंता देता है और भगवान चिंतन देते है – पूज्य गुरूदेव श्री उत्तम स्वामी जी

रतलाम । संसार चिंता देता है और भगवान चिंतन देते है । चिंतन हर एक क्षण सुखमय बनाता है । ईश्वरीय चिंतन के साथ ही ईश्वर के निकट आने के लिए नारायण के चरणों में समर्पित होकर चिंता मुक्त हो तो प्रभु की भक्ति प्राप्त होती है। भक्तिरस, रामरस, कृष्णरस जो वस्तु व्यक्ति को रास आ जाए उसी का नाम रास है । मीरा ने नृत्य के द्वारा ईश्वर को प्रसन्न किया। यह भी एक रास है । हरेक समय भगवान का नित्य ध्यान करना यह भी भक्ति रस है ।
उक्त व्यक्तव्य महामण्डलेश्वर पूज्य गुरूदेव उत्तम स्वामी जी महाराज ने पंडित श्री रामचन्द्र जी डोंगरे महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर श्री बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित सुमधुर श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिवस को धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहें ।
कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान श्रीमती हीरादेवी ओमप्रकाश सोनी परिवार द्वारा पोथी पूजन एवं गुरु पूजन किया गया । साथ ही विभिन्न संस्थाओं जिनमें अखिल भारतीय रामायण मेला समिति, सिंधी सोनी समाज, केसरिया जाग्रति मंच, सर्व ब्राह्मण सभा, श्रीमाली ब्राह्मण समाज,   पीपा समाज, सनातन सोश्यल ग्रुप, मेढ़ क्षत्रिय मारवाड़ी भागवत ट्रस्ट, रजक धोबी समाज, वैष्णव वैरागी समाज, सनातन धर्म महिला मण्डल, श्री सज्जन ब्राह्मण छात्रावास, उत्तम स्वामी गुरू भक्त मंडल, मेहंदी कुईबालाजी जनकल्याण न्यास, कुशाभाऊ ठाकरे मण्डल, पंचमुखी बालाजी मंदिर, आदर्श हिन्द व्यायामशाला, भांबी समाज, श्रीमद् भागवत गीता पर्व सप्ताह न्यास, पाटीदार समाज मथुरी आदि द्वारा भागवत पूजन एवं गुरूपूजन किया गया।
आज कथा में गुरूदेव ने श्री कृष्ण रूकमणी विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। इस अवसर पर श्री कृष्ण एवं रूकमणी विवाह का प्रसंग  श्री कृष्ण रूकमणी विवाह सम्पन्न कराया। जैसे ही श्रीकृष्ण रूकमणी का विवाह हुआ पूरा पांडाल कृष्ण रूकमणी के जयकारों से गूजंायमान हो गया । इसके साथ ही कथा में कंस वध की कथा, गोपीयों एवं उद्धव संवाद, साथ ही सदगुरू की महिमा का वर्णन करते हुए सुदामा चरित्र एवं उद्धव जी की अहंकार को समाप्त करने की कथा का वर्णन किया। इस अवसर पर मंच पर विराजित राम बाबा त्यागी जी एवं अजीत महापात्र राष्ट्रीय गौ सेवा संघ का स्वागत ट्रस्ट द्वारा किया गया।
श्रीमद् भागवत कथा में प्रदीप उपाध्याय, श्री बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट डॉ. राजेन्द्र शर्मा, अनिल झालानी, मनोहर पोरवाल, नवनीत सोनी, ब्रजेन्द्र मेहता, झमक भरगट, जयेश सोनी, दिनेश शर्मा, महेश व्यास, राखी व्यास, श्री गुरूदेव भक्त मंडल सहित बड़ी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विकास शैवाल ने किया।
डॉ. राजेन्द्र ने बताया कि 30 अप्रैल को कथा की विश्रांति दिवस पर कथा का समय परिवर्तन अनुसार प्रात: 9 बजे त्रिवेणी तट पर डोंगरे महाराज की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम आयोजित होगा और उसके पश्चात प्रात: 10 बजे से 1 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा पांडाल में होगी तत्पश्चात महाप्रसादी होगी।
डोंगरे महाराज की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की विधिवत पूजा-पाठ पंडित श्री संजय ओझा, गामोट जी एवं अन्य पंडितों द्वारा दिनांक 24 अप्रैल से नियमित यज्ञ शाला में प्रतिमा अनावरण के यजमान श्री अनिल झालानी दम्पत्ति द्वारा नियमित रूप से उपस्थित होकर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पूजन-पाठ आदि कराया जा रहा है ।

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