दिवाकर सम्प्रदाय का एक चातुर्मास ऐसा भी नो माइक, नो लाइट ओनली शुध्द सामायिक

नागपुर (वर्धमान नगर) । परम पूज्य महासती तप चक्रेश्वरी आयम्बिल तप आराधिका पूज्या श्री अरुण प्रभाजी मसा, शतावधनी पूज्याश्री गुरुकीर्ति जी म.सा., बाल साध्वी मधुर गायिका गुरु निधि जी मसा, तप ज्योति वर्षीतप आराधिका परम् पूज्या श्री अरुण कीर्ति मसा नागपुर वर्धमान नगर में चातुर्मास में विराजमान है।
परम पूज्या महासतीजी श्री अरुणप्रभा जी म.सा. जो कि लगातार आयम्बिल के तप कर रही है। इसी श्रृंखला में पूज्याश्री का आज लगातार 200वां आयम्बिल आज चल रहा है। इस अवसर पर नागपुर वर्धमान नगर में गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया । इस अवसर पर रतलाम श्रीसंघ से संघरत्न इंदरमलजी जैन, वरिष्ठ सलाहकार महेन्द्रजी-ललिता जी बोथरा, पूर्व अध्यक्ष सुरेश जी कटारिया, अजय खमेसरा, उपाध्यक्ष विजय कटारिया ने उपस्थित होकर तप की अनुमोदना की। नागपुर का चातुर्मास बहुत ही सादगीपूर्ण पूर्णतः आडम्बर रहित चल रहा है। प्रवचन हाल में No माइक, No लाइट, No माला, No फोटोग्राफी । केवल प्रवचन, धर्म ध्यान, तपस्या।
पूज्या महासती जी की निश्रा में नागपुर वर्धमान नगर का चातुर्मास धर्म ध्यान के ठाठ बाठ के साथ बहुत ही सुंदरतम व्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। 200 आयम्बिल की अनुमोदनार्थ रतलाम में चातुर्मास हेतु विराजित पूज्य महासती दक्षिण चंद्रिका डॉ संयमलता जी मसा ने पूज्याश्री अरुणप्रभा जी म.सा. को आदर की चादर पंहुचाई जिसे रतलाम श्रीसंघ के सदस्यों ने महासती जी को अर्पण की ।

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