

रतलाम 24 जुलाई । जिस प्रकार मग्र के भीतर कस्तूरी छिपी होती है उसी प्रकार सर्वग्यता ओर पूर्ण अनुभूति प्रत्येक आत्मा मे निहित है, केवल उसे जाग्रत करने की आवश्यकता है । उक्त विचार दक्षिण चन्द्रिका जैन दिवाकरीय महासती डॉ संयमलता जी म सा ने भगवान मुनि सुव्रत स्वामी के नाम के मंत्रो का उच्चारण अनुष्टान के अंतर्गत आयोजित धर्मसभा मे कहे ।
आपने कहा की इस अनुष्ठान का सही विश्वास ओर आत्म शक्ति को जाग्रत करने का एक अद्भुत तरीका बताया । जो परिवार के सदस्यो ओर स्वयं को छोटी मोटी परेशानियों , कष्टों ओर संकटो से मुक्त रहने की शक्ति प्रदान करता है । अनुष्ठान मे महासती डॉ अमितप्रज्ञा जी, महासती डॉ कमलप्रज्ञा जी, महासती सौरभप्रज्ञा जी का सानिध्य भी मिला ।
अनुष्ठान के लाभार्थी घेवरमल जी रवि जी बोथरा परिवार रहे। शुक्रवार पार्श्व पद्मावती एकासन का लाभ श्रीमती चन्द्रप्रभादेवी कल्याणमल भटेवरा परिवार के राजेश, नीलेश मनीष भटेवरा परिवार ने लिया । रविवार को गुरु आनन्द केवल जन्म जयंती के उपलक्ष्य में 1008 सजोडे अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा जिसका सम्पूर्ण लाभ पन्नालाल भरत कुमार कोठारी परिवार बैंगलोर वाले ने लिया है।