श्रीगणेश उत्सव 2025 – रतलाम बना विश्व रिकॉर्ड का साक्षी

  • वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड व लन्दन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुआ नाम दर्ज
  • श्रीदाऊ धाम सेवा समिति, इंद्रलोक नगर में 29 अगस्त शुक्रवार श्रीगणेश उत्सव का तीसरा दिन
  • ऐतिहासिक आकर्षण: 2,51,000 रुद्राक्षों से सुसज्जित श्रीगणेश पंडाल

रतलाम। पहली बार किसी श्रीगणेश उत्सव पंडाल को 2 लाख 51 हजार रुद्राक्षों से सजाया गया । रुद्राक्षों की यह भव्य सजावट नेपाल से मंगवाए गए रुद्राक्षों से की गई। सजावट कार्य में 25 कार्यकर्ताओं ने रातभर 24 घंटे निरंतर मेहनत कर यह अद्वितीय पंडाल तैयार किया। आयोजन के पश्चात ये पवित्र रुद्राक्ष भक्तों में निःशुल्क प्रसाद के रूप में वितरित किए जाएंगे। हम बात कर रहे है इंद्रलोक नगर स्थित श्रीदाऊ धाम सेवा समिति में आयोजित श्री गणेश उत्सव की।

विश्व रिकॉर्ड की आधिकारिक मान्यता

इस अनोखे आयोजन की जानकारी मिलने पर वेब वर्ल्ड रिकार्ड के ज्यूरी सदस्य शैलेन्द्र सिंह सिसोदिया स्वयं रतलाम पहुँचे। उन्होंने श्रीदाऊ धाम सेवा समिति, इंद्रलोक नगर में पूरे आयोजन स्थल का निरीक्षण कर रुद्राक्ष देखे और इसे वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज किया।
इस अवसर पर वर्ल्ड रिकॉर्ड जूरी मेम्बर शैलेन्द्र सिंह सिसोदिया सहित महर्षि संजयशिवशंकर दवे , रत्नेश विजयवर्गीय, धरम यादव , सतीश टांक, अन्य गणमान्यजनों की उपस्थिति में सर्वप्रथम श्रीगणेश पूजन आरती व परमपूज्य बाहुबली जगद्गुरु बलदेवाचार्य जी के छाया चित्र का पूजन कर शुभाशीष प्राप्त कर श्री डॉ डी बी मौर्य जी , धनश्याम यादव जी , नरवर सिंह राणावत (संरक्षक, श्रीदाऊ धाम सेवा समिति) सहित समिति संयोजक संदीप मौर्य को मेडल ट्राफी व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर सोना शर्मा , मदन सोनी , सहित वृहद संख्या में भक्तों ने इस पल साक्षित्व प्राप्त किया।
समिति क़े संदीप मौर्य ,पीयूष व्यास ,भरत मौर्य , विनय मौर्य ,राजेन्द्र कुशवाह , योगेश राठौर , रामप्रसाद प्रजापत , मयंक गुप्ता ,रितेश शर्मा, धीरज मौर्य, मोहित चौरसिया ,पुष्कर कनौजिया, यश कनौजिया ,ऋषि कनौजिया, ऋषभ शर्मा, राहुल गुजराती , कनक शर्मा , गौरव दरियानी , हेमंत सिंह राठौर ,यश वर्मा ,स्वास्तिक निगम , ने कड़ी मेहनत कर इस दिव्य भव्य ऐतिहासिक पाण्डाल को सजाया !

10 वर्षीय बालक जिष्णु दवे का विशेष सम्मान

  • श्रीदाऊजी धाम सेवा समिति द्वारा इस विशेष दिन 10 वर्षीय बालक जिष्णु दवे को उनके तीन विश्व रिकॉर्ड के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया।
  • जिष्णु दवे ने अति दुर्लभ और विशेष चिह्नों वाले रुद्राक्षों के संग्रह में विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं।
  • समारोह में अति दुर्लभ रुद्राक्षों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सराहा।
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