सेवा गतिविधियों से प्रभावित होकर गुजरात के लोग भी जुड़ रहे हैं समिति से


जावरा (निप्र) 31 अगस्त। गायों के प्रति जीवदया का अर्थ है उनकी सेवा और संरक्षण, भारतीय संस्कृति में हम गाय को गौ माता कहते हैं सर्वस्व देने वाली गौ माता मानव जाति का पोषण और अनेक उत्पाद प्रदान करती है तो क्या हमारा नैतिक दायित्व नहीं है कि हम आगे आए और दूसरों को भी प्रेरणा देवे की जीवदया के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा कार्य करें।
उक्त विचार श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति के अध्यक्ष अभय सुराणा ने जीव दया सोसाइटी जावरा पर सदस्यों के सामूहिक जन्मदिन मनाते हुए कही। संस्था द्वारा एक अभिनव प्रयोग करते हुए प्रत्येक माह में आने वाले सभी सदस्यों का जन्मदिन क्षेत्र की विभिन्न गोशालाओ में जाकर मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुराणा ने यह भी कहा कि उनका प्रयास रहेगा की संस्था के माध्यम से इस वर्ष भी पच्चीस से अधिक बार जीवदया का कार्य किया जाएगा चाहे गौ माता को गोग्रास, पशु आहार गुड़ आदि खिलाने की बात हो या पक्षियों के लिए अनाज की व्यवस्था करना हो या सकोरो की व्यवस्था करना हो संस्था अपनी सक्रिय भूमिका निभायेगी। आज इस अवसर पर आनंदीलाल लोढ़ा सुरेश लुक्कड़ सुशील मेहता अभय सुराणा सभी का जन्मदिन मनाते हुए माला पहनाकर उनका स्वागत कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी तथा आने वाले दो माह के लिए आनंदीलाल लोढ़ा सुरेश लुक्कड़ नवाब ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए घोषणा की।
संस्था की इस गतिविधि से प्रभावित होकर लीमड़ी गुजरात निवासी महेंद्र भाई कर्णावट ने अपनी धर्मपत्नी चंदनबाला महिला मंडल की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रही स्वर्गीय श्रीमती देवा बेन कर्णावट की पांचवीं मासिक तिथि के अवसर पर जावरा में संस्था के माध्यम से जीव दया से जुड़ने की बात कही।
इस अवसर पर अगस्त माह के लाभार्थी अभय सुराणा और श्रीमती रेखा सुराणा का संस्था की ओर से शाल माला पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन पुखराज पटवा एवं सचिव राजकुमार हरण ने किया। आभार प्रदर्शन अशोक लुक्कड़ ने कीया।
इस अवसर पर इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
पुखराज पटवा नेमीचंद जैन अशोक झामर शेखर नाहर शांतिलाल डांगी अशोक धोका रमणीक जैन प्रदीप सेठिया प्रकाश चंद पामेचा राजेंद्र कोचर सुशील मेहता अभय सुराणा राजकुमार हरण संजय सुराणा कमल चपडो़द सुरेश लुक्कड़ ऋषभ छाजेड़ श्रीमती मंजू हरण श्रीमती रेखा सुराणा आदि सदस्य उपस्थित थे।