राजमहल के संरक्षण हेतु प्रशासन कार्यवाही करें

राजमहल की गंभीर जर्जरावस्था से जिलाधीश को अवगत कराया

रतलाम । रतलाम राजमहल के संबंध में शीघ्र ही कोई पहल की जाने की आवश्यकता है। दिन प्रतिदिन इस ऐतिहासिक पुरातत्व महत्व का राज प्रसाद क्षतिग्रस्त होते जा रहा है। लावारिस अवस्था में पहुंचती जा रही इंडोयुरोपियन वास्तु शिल्प की अद्भुत इमारत पर शासन प्रशासन को शीघ्र ही पहल कर इसके संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
यह बात जिलाधीश श्रीमती मिश्रा सिंह से मिलकर के रतलाम के इंटेक सब चैप्टर के कन्वीयर अनिल झालानी, इंटेक सदस्य संरक्षण विशेषज्ञ विजय सोनी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री नरेंद्र श्रेष्ठ व सजग मीडिया कर्मी श्री शाहिद मीर ने आदि ने गत दिवस भेट करके उनके समक्ष रखी।
प्रतिनीधी मण्डल ने जिलाधीश मौके को महल के एक हिस्से के जर्जर अवस्था के महत्वपूर्ण फोटो दिखाए। जो इस विशाल इमारत कि नीव के नीचे खोखलेपन को दिखा रहे है। जिस पर यदि तवरित संज्ञान लेकर के उसकी मरम्मत कि और ध्यान नही दिया गया तो शहर की शान बनकर खड़ी यह 100 फिट ऊँची इमारत के किसी भी दिन ढहने से कोई भी नही रोक सकेगा। अतः समय रहते इसकी संरक्षण मरम्मत व संधारणा पर कोई कार्य योजना बनाई जानी चाहिए।
प्रतिनिधि मंडल की बात को जिलाधीश महोदय ने बड़ी गंभीरता व ध्यान से सुनकर आश्वासन दिया कि वह शीघ्र ही राज प्रसाद का निरीक्षण कर समुचित कार्रवाई करेंगी। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जाहिर करी है कि जिला प्रशासन रतलाम के आमजन की पीड़ा दर्द और भावना को समझते हुए इस समस्या का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी तथा जिलाधीश के आश्वस्त किया कि महलवाड़े के रखरखाव के किसी भी अभियान मे शहर की जनता प्रशासन को सहयोग प्रदान करेगी।

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