माटी से ही महापुरूषों का निर्माण हुआ है इसके प्रति वफादार को ही धार्मिकता में प्रवेश मिला है – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

जालौर । मजहब से बढ़कर माटी है इसी मिट्टी से मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे बने हैं महापुरुषों का निर्माण भी इसी से हुआ है माटी के वफादार को ही धार्मिकता में प्रवेश है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने जैन स्थानक भवन में सभा को संबोधित करते कहा कि दुर्भाग्य है व्यक्ति जितना मंदिर मस्जिद से प्यार करता है उतना ही मिट्टी के साथ सौतेला व्यवहार करता है ।
उन्होंने कहा कि पशु जिसका अन्न लेता है उसकी रक्षा के लिए अपनी जान तक निछावर कर देता है इंसान को सबक लेनी चाहिए । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि नमक हराम का कोई जाति और धर्म नहीं होता है वह तो गद्दार है और शैतान बनकर जीता । मुनि कमलेश ने कहा कि जाति पंथ प्रांतों के नाम पर लडऩे वाले मानवता के कट्टर शत्रु है आपस में लडऩे पर देश कमजोर होगा तो देशद्रोही और धर्म द्रोही भी है । जैन संत ने बताया कि राष्ट्र रक्षा की प्रेरणा दे वही धर्म महान है देश की रक्षा में ही हम सब की सुरक्षा है पुलिस प्रशासन बिहार यात्रा में भावों से समर्पित रहा उम्मेद चौधरी रणजीत चतुर्मु था बाबूलाल जैन आत्मीय स्वागत किया घनश्याम मुनि गौतम ने विचार व्यक्त किए कौशल ने मंगलाचरण किया।