
जावरा (अभय सुराणा)। श्री माणक जी तालेड़ा पुनः अध्यक्ष मनोनीत अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर संगठन समिती रजि*. की साधारण सभा की बैठक 14 सितम्बर 2025 को दिगम्बर जैनाचार्य विद्यासागर मांगलिक धाम, चितौड़गढ़, में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन समिती के अध्यक्ष श्री माणक तालेड़ा जयपुर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार मंत्र के सामुहिक जाप एवं “*महामंत्र नवकार*” की महिमा पर *जैन दिवाकर गुरुदेव श्री चौथमल जी म.सा. द्वारा रचित स्तवन से की गई। जिसकी प्रस्तुति श्री सुरेन्द्र मारू, इंदौर द्वारा की गई। मंच पर आसीन श्री माणक तालेड़ा, अध्यक्ष( जयपुर), पूर्व अध्यक्ष श्री पन्नालाल कोठारी( बेंगलूर), चितोड़ संघ एवम जैन दिवाकर परिवार के वरिष्ठ श्रावक श्री रोशन लाल मेहता, श्री इन्द्रमल जैन वकील सा. रतलाम, आंध्रप्रदेश – तेलगांना कांफ्रेस के अध्यक्ष श्री विनोद किमती (हैदराबाद), संगठन के कोषाध्यक्ष श्री सुरेश मेहता ( चितौड़गढ़) का उपरना पहनाकर स्वागत श्री सम्पत छल्लाणी, श्री माणक जैन , श्री महेन्द्र बोथरा, श्री रोशनलाल मेहता, श्री ज्ञानचंद ढ़ेलावत, श्री सुरेन्द्र मारु द्वारा किया गया!श्री जैन दिवाकर चालीसा का सामूहिक रूप से पाठ किया गया।
अ. भा.श्री जैन दिवाकर संगठन समिती के आय-व्यय का विवरण (पूर्व में बताये विवरण की समयावधि के आगे का न्यासी श्री विजय कुमार लोढ़ा ने प्रस्तुत किया। जिसकी अनुमोदना उपस्थित सभी सदस्यो ने की। संगठन समिती के अध्यक्ष श्री माणक जी तालेड़ा ने पूर्व में हुए चुनाव जिसमें श्री शान्तीलाल मारु को अध्यक्ष चुना गया था बाद के घटनाक्रम को व्योरे वार प्रस्तुत किया।
श्री तालेड़ा ने कहा कि पूर्व में रजिस्टर्ड राष्ट्रीय संस्था का पुनः नया रजिस्ट्रेशन कराना और उसे राजस्थान प्रांत तक सीमित किया जाना सही नही था।श्री तालेड़ा ने बताया कि नवीन संस्था के पदाधिकारियों ने एक नहीं तीन – तीन बार लिखित में सहमति देने के बाद भी नया रजिस्ट्रेशन केंसल नहीं कराया, ऐसी स्थिति में समन्वय कैसे हो सकता है? उन सभी बैठको के साक्ष्य भी प्रस्तुत किये।श्री तालेड़ा ने बताया कि नये रजिस्ट्रेशन वाले पदाधिकारी संस्था का मुख्य कार्यालय चतुर्थ जैन वृद्धाश्रम दुर्ग, चित्तौड़गढ़ बता रहे है वो बिल्कुल गलत है। वृद्धाश्रम ट्रस्ट से इस बाबत कभी अनुमति नही ली गई।श्री सम्पतराज छल्लानी (ब्यावर) महेन्द्रजी बोथरा( रतलाम) श्री अंकित सामोता( उदयपुर) श्री आनन्द सालेचा ( निम्बाहेड़ा), श्री अनिल जारोली ( उदयपुर), श्री अजीत नाहर (चितौड़ गढ), श्री सुरेन्द्र मारू (इंदौर) श्री अपुल चिप्पड़( चितौड़गढ़) ने अपने विचार रखे।
श्री माणक जी तालेड़ा पुनः अध्यक्ष बनने के लिये बिल्कुल तैयार नही थे, पर सदस्यों के अत्यधिक आग्रह पर आगामी तीन माह तक के लिये पुनः अध्यक्ष पद स्वीकार किया*। उपस्थित वरिष्ठ सदस्यो ने श्री माणक जी तालेड़ा का उपरणा ओढ़ा कर, तथा जगमें चमके जैन दिवाकर के नारे लगाकर अभिनंदन किया। सभा में, बेंगलोर, हैदराबाद, इंदौर, रतलाम, जावरा, निम्बाहेड़ा, हमीरगढ़, उदयपुर, ब्यावर, भीलवाड़ा, बड़ी सादड़ी, कोटा, जयपुर, चितौड़गढ़, आदि कई स्थानो के प्रतिनिधी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन श्री विजय कुमार लोढ़ा, निम्बाहेड़ा ने किया। आभार प्रदर्शन श्री सुरेश जी महता चितौड़गढ़ ने किया अल्पाहार के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री सुरेश जी मेहता, सुनिल जी बोहरा, अर्पित जी बोहरा,श्री कुलदीप जी सिरोहीया आदि महानुभावो का बहुत बड़ा योगदान रहा।