
रतलाम। स्व. अशोककुमार शर्मा एड. की पावन स्मृति में उनके परिजन श्रीमतिमनोरमा देवी शर्मा, श्रीमति टीना रजनीश , श्रीमती पदमा दिलीप , श्रीमति वर्षा योगेश शर्मा एवम् उनके परिजन द्वारा स्थानीय वकील कालोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत में पंडित मोहनलाल दूबे ने श्रीमदभागवत के सार तत्वों की अत्यंत सरल एवं प्रासंगिक व्याख्या की ,उन्होंने कहा कि ईश्वर प्रदत्त जीवन अनमोल है और हमें इसके लिए प्रभू का आभारी होना चाहिए। हमारे विचार, कर्म और उनका क्रियान्वयन इस प्रकार होना चाहिए कि वो अन्य लोगों के लिये प्रेरणास्पद हो ! यह जीवन जीने का विज्ञान और मृत्यु की कला सिखाने वाला पावन ग्रंथ थे।
इस अवसर पर प्रभु प्रेमी संघ रतलाम की और से अध्यक्ष हरीश सुरौलिया , सचिव प्रमोद राघव संगठन मंत्री संजीव पाठक पूर्व अध्यक्ष कैलाश व्यास ने शॉल श्रीफल से पंडित दुबेजी का अभिनंदन किया। कथा के दौरान अखंड ज्ञान आश्रम के प्रमुख संत श्री देवस्वरूपानंदजी ने भी उपस्थित श्रद्धालु जन को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश राठौर ने किया। पोथी वाचन पंडित शैलेंद्र पाठक एवम् संगीतज्ञ अरुणजी एवम् ललितजी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।