मंडोली (राज.)। गुरु और परमात्मा इससे भी बढ़कर है उनका साहित्य जो उनकी अनुपस्थिति में भी उनके ज्ञान और भक्ति का साक्षात्कार कराता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने शांति शिरोमणि प्रश्नोत्तरी पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करते कहा कि साहित्य मानवता का सच्चा श्रृंगार है जिसके द्वारा आज भी हमारे जैसे संतों का निर्माण हो रहा है उन्होंने कहा कि साहित्य से निर्मल विचारों का संचार होता है मलिन भाव से मुक्ति मिलती है जो काम सरकार कानून विज्ञान और तीन लोक के संपत्ति दान देकर भी नहीं हो सकती । मुनि कमलेश ने बताया कि आध्यात्मिक साहित्य की शिक्षाओं से विश्व में संपूर्ण मानवता को ओतप्रोत करेंगे सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी । राष्ट्रसंत ने कहा कि अश्लील गंदा साहित्य आतंकवाद से भी खतरनाक है जो सब विचारों की हत्या करता है प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से अश्लील साहित्य बिकना शर्मनाक है ।जैन संत ने बताया कि आध्यात्मिक साहित्य को वैज्ञानिक ढंग से स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए जिससे नशा मुक्ति पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जनता में जागरूकता सके । हैदराबाद निवासी उषा जैन बर लो टाने विश्व प्रथम बार शांति गुरु के ऊपर 15 100 प्रश्न उत्तर का साहित्यिक तैयार किया । मूर्तिपूजक संत भी उपस्थित थे 19 फरवरी को मुनि कमलेश 72 जिनालय भीनमाल पधारने का कार्यक्रम है ।