दो परिवारों के नेत्रदान से चार नेत्रहीनों को मिलेगा नया जीवन

नेत्रम संस्था के सतत प्रयासों की प्रेरणादायक सफलता

रतलाम 23 नवम्बर । नेत्रदान के क्षेत्र में जागरूकता व मानव सेवा को समर्पित नेत्रम संस्था ने एक बार फिर अपने उद्देश्य को सार्थक करते हुए दो नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाए। ग्राम पंचायत रावटी तथा रतलाम शहर में हुए इन नेत्रदानों से चार दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की आशा जगी है। नेत्रम संस्था के संस्थापक एवं रेडक्रॉस सोसायटी के संचालक हेमन्त मूणत ने बताया कि—

ग्राम पंचायत रावटी में नेत्रदान

धर्मनिष्ठ स्व. जुहारमल कटारिया की धर्मपत्नी श्रीमती कमलाबाई कटारिया के निधन उपरांत, उनके पुत्र कांतिलाल कटारिया एवं परिजनों ने, हिम्मत मेहता (रावटी) की प्रेरणा से नेत्रदान का पावन निर्णय लिया। समाजजन, परिवार व शुभचिंतकों की उपस्थिति में यह प्रक्रिया अत्यंत शांति एवं सम्मान के साथ सम्पन्न हुई। लोगों ने निकट से कार्निया संरक्षण की प्रक्रिया को समझा और भविष्य में नेत्रदान के संकल्प को दोहराया।

रतलाम शहर में नेत्रदान

गुलमोहर कॉलोनी निवासी स्व. दुर्गा प्रसाद सिंघल के सुपुत्र महावीर प्रसाद सिंघल के निधन के पश्चात, उनके पुत्र भूपेश सिंघल एवं परिवारजनों ने सुशील–मीनु माथुर की प्रेरणा से नेत्रदान का निर्णय लिया। यह निर्णय परिवार की मानवीय संवेदनशीलता और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

नेत्रम संस्था की तत्पर सेवा

दोनों परिजनों की सहमति प्राप्त होते ही संस्था ने बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी. एल. ददरवाल को सूचना दी। सूचना मिलते ही डॉ. ददरवाल अपनी टीम—मनीष तलाच एवं परमानंद राठौड़—के साथ रावटी व रतलाम पहुंचे और नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

रावटी में नेत्रदान के दौरान सुमित सुराना, राजमल चोपड़ा, दीपक खिमेसरा, पारसमल गांधी, राजमल कटारिया, विपिन ठाकुर, हरीश ठक्कर सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। रतलाम में नेत्रदान के समय हेमन्त मूणत, भगवान ढलवानी, सुशील–मीनु माथुर, नवीन नेमानी, नवल अग्रवाल, कमल सिंघल, भूपेंद्र सिंघल उपस्थित रहे।