रतलाम रेलवे स्टेशन पर मंगल तिलक, पुष्पमाला एवं जयघोष के साथ दी भावभीनी विदाई

रतलाम। नेपाल की पावन धरती काठमांडू में परम पूज्य संत, प्रखर वक्ता एवं रामस्नेही संत पूज्य गुरुदेव श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित चातुर्मास में सहभागी बनने के लिए रतलाम से रामस्नेही श्रद्धालुओं का दल मंगलवार को उत्सवी एवं भक्तिमय वातावरण में नेपाल के लिए रवाना हुआ।
रामस्नेही हरिमानव परमार्थ सेवा संस्था की संरक्षक श्रीमती शांति बाई सांखला ओर श्रीमती पद्मा प्रेम उपाध्याय के नेतृत्व में निकली इस धार्मिक यात्रा का रतलाम रेलवे स्टेशन पर पूर्व पार्षद अशोक देवड़ा पूर्व पार्षद वंदना पुरोहित प्रेमलता देवड़ा प्रकाश परमार कन्हैया पटेल सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित राजेंद्र जोशी आदि ने नेपाल यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं का पुष्पमाला पहनाकर, मंगल तिलक लगाकर एवं शुभकामनाओं के साथ अभिनंदन किया। इस दौरान स्टेशन परिसर जय श्री राम , जय पशुपतिनाथ एवं रामस्नेही संतों के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया श्रद्धालुओं का दल रतलाम से गोरखपुर होते हुए नेपाल के लिए प्रस्थान हुआ। नेपाल पहुंचकर श्रद्धालु पूज्य गुरुदेव श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज के चातुर्मास आयोजन में सहभागी होंगे तथा सावन के पवित्र मास में भगवान श्री पशुपतिनाथ के दिव्य दर्शन का पुण्य लाभ भी प्राप्त करेंगे। विदाई अवसर पर उपस्थित धर्मप्रेमीजन एवं संस्था के सदस्यों ने यात्रियों को सुखद, मंगलमय एवं सफल नेपाल यात्रा की शुभकामनाएं दीं। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह यात्रा केवल नेपाल भ्रमण नहीं, बल्कि संत सान्निध्य, भक्ति, साधना और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने की एक पावन यात्रा है।
बता दे कि 13 अगस्त से काठमांडू में विशाल शिवपुराण कथा का शुभारंभ होने जा रहा है। चातुर्मास के दौरान शिवपुराण कथा सहित अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं भक्तिमय आयोजन संपन्न होंगे, जिनमें देश-विदेश से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
संस्था के सदस्यों ने कहा कि पूज्य गुरुदेव श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज के चातुर्मास में सहभागी होना श्रद्धालुओं के लिए परम सौभाग्य का अवसर है। नेपाल की पावन भूमि पर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन और संत सान्निध्य से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति एवं पुण्य लाभ प्राप्त होगा।