दिव्यांग बच्चों के छात्रावास में 50 रुई के गद्दों का सहयोग, सेवा व खेल गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम

  • अभिभावकों को अपने बच्चों को साथ लेकर ऐसी संस्थाओं में आना चाहिए – डॉ. सी.एम. मेहता
  • दिव्यांगों के चेहरे पर मोटे गद्दों से उपजा सुखद अहसास भावविभोर करने वाला रहा – राजकुमार हरण

जावरा (अभय सुराणा) । अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के तत्वावधान में पिपलोदा स्थित दिव्यांग (मूक-बधिर) बच्चों के छात्रावास में सेवा, मनोरंजन एवं सहयोग से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रावास के बच्चों हेतु 50 रुई के गद्दे भेंट किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात मूक-बधिरो द्वारा राष्ट्रगीत “जन-मन-गण” की प्रस्तुति दी गई, जिससे कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ हुआ। छात्रावास स्टाफ एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा उपस्थित अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में बच्चों एवं अतिथियों के साथ क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके पश्चात बाहर से पधारी महिला अतिथियों एवं सदस्यों के साथ बच्चों की चेयर रेस आयोजित की गई, जिसने बच्चों में विशेष उत्साह का संचार किया। ग्रंथ हरण एवं गाथा हरण ने भी दिव्यांग बच्चों के साथ खेल गतिविधियों में भाग लेकर आनंद की अनुभूति साझा की।
इसके पश्चात मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालूखेड़ा शासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सी.एम. मेहता रहे, एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने की।
स्वागत भाषण प्रदेश मंत्री शेखर नाहर द्वारा दिया गया एवं अतिथि परिचय पिपलोदा अध्यक्ष एजाजुद्दीन शेख ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जगदीश चन्द्र हरारिया एवं कनकमल चोरड़िया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान सभी दानदाताओं का मोतियों की माला एवं शाल से सम्मान किया गया। दानदाताओं की ओर से विनोद लूनिया, अशोक झामर एवं प्रतिभा मंडलेचा ने अपने भाव व्यक्त किए। मुख्य अतिथि डॉ. सी.एम. मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को साथ लेकर ऐसी संस्थाओं में आना चाहिए, जिससे बच्चों में सामाजिक सहभागिता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजकुमार हरण ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर मोटे गद्दों को पाकर जो सुखद अनुभूति दिखाई दी, वह अत्यंत भावविभोर करने वाली रही।कार्यक्रम का संचालन छात्रावास के वार्डन अंबाराम बोस द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन कनकमल चोरड़िया ने किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं बच्चों ने सामूहिक रूप से खीर-पूरी भोज का आनंद लिया। यह आयोजन सेवा, सहभागिता एवं मानवीय संवेदनाओं का सशक्त उदाहरण बना।
गरिमामयी उपस्थिति में अभय मंडलेचा, महेश अग्रवाल, दिलीप भंडारी, नवीन हरारिया, देवेंद्र शर्मा, भावेश हरण, जितेंद्र बाबेल, मंजू हरण, मधु भंडारी, रंजन झामर, सुनीता अग्रवाल, प्रिया हरण, आभा भाटी, जया बोराणा सहित छात्रावास स्टाफ से कन्हैयालाल बोस, अजयपाल सिंह भाटी, हिमानी दडिंग, खुशी परिहार, गायत्री कुंवर सिसोदिया, लता गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।