जैन धर्म जन-जन का धर्म है मानव मात्र का धर्म है मानवीय संवेदना और जगाने का धर्म है – श्री 108 अन्तर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज

पटना। जैन धर्म के परम पूज्य अहिंसा संस्कार पदयात्रा करने वाले परम पूज्य आचार्य श्री 108 अन्तर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज कांग्रेस मैदान के श्री दिगंबर जैन मंदिर पटना में विराजमान हैं यहां पर कई राज्यो की पैदल पद यात्रा कर  पहुचे आज 14 फरवरी को प्रातः भक्ति आराधना करते हुए कहा कि जैन धर्म जन-जन का धर्म है मानव मात्र का धर्म है मानवीय संवेदना और जगाने का धर्म है जैन मुनि प्रसन्न सागर जी महाराज ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से सिद्ध की भूमि रही है यहां पर साधकों में अपनी साधना से परमात्मा को प्राप्त किया है यात्रा का लौकिक भाव बताते हुए कहा की साधको की यात्रा घर से मंदिर तक होती है जबकि हमारी यानी संतों की यात्रा मंदिर से आरंभ होकर मोक्ष तक संपन्न होती है उन्होंने कहा कि संत सरिता और सूर्य हमेशा गतिमान रहते हैं दूसरी और चारित्रिक पतन भी तेज गति से बढ़ रहा है आगे कहा कि मनुष्य के जीवन में तीन ऐसी चीजें हैं जो कभी पूरी नहीं होती है धन की कामना ,भोजन की भूख और नींद  चीज है वर्तमान में बदलाव के बारे में कहा कि पहले अभाव से परेशानी थी अब सद्भाव से परेशान है आगे कहा कि मनुष्य को जैन धर्म उच्च कुल मिला है इसमें मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक बार आठ पुण्य का कार्य अवश्य करना चाहिए  पहला मरण सुधारना हो तो सम्मेद शिखर की यात्रा एक बार जरूर करनी चाहिए ,दूसरा अपना जन्म सुधारना हो तो जीवन मे एक बार अयोध्या का दर्शन जरूर करना चाहिए तीसरा अपने बाहुबल को कुछ मजबूत करना हो उसे गोमटेश्वर बाहुबली की यात्रा अवश्य करनी चाहिए ,चौथा अगर कहीं पर कोई दीक्षा हो रही हो तो उस दीक्षा को जरूर देखना चाहिए पांचवा अगर किसी साधु की समाधि हुई हो तो उसमें यात्रा में शामिल अवश्य होना चाइये छठा अगर कभी कोई संत को पिछी देने का मौका मिले जरूर देना चाहिए सातवें अपने जीवन में कम से कम एक बार किसी मुनि को आहार अवश्य देना चाहिए ओर आठवा  अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए अपने जिंदगी में एक बार अभिषेक का जरूर करना चाहिए अपने जीवन में इस तरह कार्य करने से अनंत गुना फल का आस्रव होता है आज काँग्रेस मैदान के जैन मंदिर में 1008 पारसनाथ भगवान की प्रतिमा पर 108 कलशों से अभिषेक के साथ 1008 मंत्रों के द्वारा शांतिधारा गुरुवर के मुखारविंद से किया गया दिन में पटना महिला समाज के द्वारा आचार्य श्री की पूजन की गई इसके पश्च्यात गुरुदेव का मंगल आशीर्वाद सभी भक्तों को दिया इसी के साथ गुरुवर का मंगल विहार सुदर्शन स्वामी के निर्वाण स्थली गुलजारबाग की ओर हुवा इस अवसर पर पटना की पूरी जैन समाज के साथ बाहर से कई शहरों विशेष रूप से कोलकोता से विवेक गंगवाल,डोलू छाबड़ा,सुरेन्द जैन ओर साथी, कोडरमासे गुरु भक्त मनीष जैन,पत्रकार राज कुमार जैन(अजमेरा), पूरे पटना विहार से आये भक्त शामिल हुवे

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