रतलाम । परिवर्तन प्रकृति का नियम है और यह देश के साथ साथ हमारी सामाजिक व्यवस्था पर भी लागू होता है पारंपरिक रिती रिवाज तथा परंपराओं के नाम पर समाज के अनेक कुरीतियों को खत्म करना होगा इसके लिए महिलाओं को विशेष कर अपनी भूमिकाओं का निर्वाह करना होगा तभी समाज में परिवर्तन की राह दिखाई देगी ।
उक्त विचार सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण महासभा की प्रादेशिक महामंत्री श्रीमती गिरिजा ठाकुर ने जिला इकाई की बैठक में आयोजित समाज की महिलाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए । आपने कहा कि आज चारों तरफ महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बनती जा रही है ऐसे में हमें शुरुआत हमारे अपने इर्द-गिर्द के वातावरण से ही होनी चाहिए फिजूलखर्ची दिखावा मुक्त समाज की रचना के लिए आगे आना होगा ।
श्रीमती ठाकुर ने आगामी दिं. 21 मई को उज्जैन में आयोजित सामूहिक बटुक उपनयन संस्कार हेतु समाज के लोगों को प्रेरित करने का आह्वान भी किया ।
इस अवसर पर श्रीमती सुमन उपाध्याय, भारती उपाध्याय, किरण ठाकुर, चंद्रकला व्यास, शशि त्रिवेदी, रानी पंड्या, उषा ठाकुर, नीता शर्मा, उषा व्यास, अक्षिता ठाकुर आदि उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन भारती उपाध्याय तथा आभार सुमन उपाध्याय ने व्यक्त किया ।