
चेन्नई पोरूर एसएस जैन संघ 17 जनवरी l जहां पर सरेआम क्रूरता का प्रदर्शन हो,उसको महानता का दर्जा दिया जाता हो, धर्म से जोड़कर संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग बनाया जाता , इस प्रकार की संवेदनहीनता की बर्बरता यह मानव समाज के लिए शर्मसार करने वाली है l उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि किसी को तकलीफ देखकर उसके प्राण संकट में डालकर मुक प्राणियों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए आनंद मानते हैं इससे बड़ा धर्म और पाप कुछ नहीं हो सकता l
उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने किसी प्राणी के सताने के मन में कल्पना करना ही महान अपराध बताया है खुद कष्ट उठाकर दूसरों को शांति पहुंचते हैं वह संपूर्ण धरती का मसीहा होता हैं l
मुनि कमलेश ने बताया कि कोई भी धर्म किसी निर्दोष प्राणी को सताने की इजाजत नहीं देता है किसी को सतना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान माना गया है l राष्ट्र संत ने कहा कि यदि चींटी से लेकर हाथी तक सभी सुख जाते हैं lहम किसी प्राणी को सुखी नही दे शकते तो दुख देने का कोई अधिकार नहीं हैl सुख देने के मुकाबले को धर्म नहीं और दुख देने के मुकाबले कोई पाप नहीं हैl
जैन संत ने कहा कि प्राणी सामने हो या ना हो उसके लिए मन में दुर्भावना लाना क्रूरता की पराकाष्ठता हैl उसमें अगले का नुकसान हो या ना हो अपने मानवीय गुणका दीवाना निकल जाता है l
सक्षम मुनि कौशल मुनि ने मंगलाचरण किया अक्षत मुनि घनश्याम मुनि जी ने विचार व्यक्त किया। कर्नाटक केसरी गुरुदेव श्री गणेश जी लाल जी महाराज की जयंती अहिंसा दिवस के रूप में 18 मार्च को मनाई जाएगी देश में वीरांगना सम्मान समारोह भी होगा।
संघ की वरिष्ठ कार्यकर्ता पुखराज सांड धर्मचंद काकरिया सुरेश गुगलिया उत्तम भंसाली जबरचंद बम जुगराज बोरुंदिया महिला मंडल युवक मंडल ने गुरु भगवंतो का अभिनंदन किया।