
रतलाम 10 फरवरी। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री रामनिवास बुधौलिया एवं समस्त परियोजना अधिकारी, सुपरवायजर उपस्थित रहे। बैठक में पोषण ट्रैकर एप, भवन निर्माण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों, प्रधानमंत्री मातृ- वंदना योजना, समेकित बाल संरक्षण योजना केंद्र संचालन की समीक्षा कलेक्टर द्वारा की गयी। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सही वजन एवं ऊंचाई नही लिये जाने पाया गया। जिससे बच्चों का प्रतिशत एनएफएचएस-5 के अनुपात में नहीं है। कलेक्टर ने बच्चों का सही वजन एवं ऊंचाई लेने के निर्देश दिए। समस्त परियोजना अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि समस्त सेम एवं मेम बच्चों का पंजीकरण पोषण ट्रैकर एप पर हों कोई भी बच्चा छूटे नहीं साथ ही मैदानी अमले को यह भी निर्देश दिए गये कि आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों अंतर्गत फाउन्डेशन लर्निंग प्राप्त हों। यह भी सुनिश्चित करें कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्तायें बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा जिसमे गिनती, अंग्रेजी वर्णमाला एवं हिंदी वर्णमाला का ज्ञान बच्चों को खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से दिया जाए। वॉल पेंटिंग अंतर्गत दीवारों एवं फर्श पर चित्रकारी एवं रंगाई पुताई का कार्य करवाया जाए ताकि बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास हो सके। बाजना परियोजना की प्रगति प्रधानमंत्री मातृ- वंदना योजना में 47 प्रतिशत होने एवं पोषण ट्रैकर के संकेतकों में क्रमशः एफआरएस, आभा आईडी आपार आई डी में जिले में सबसे कम प्रगति होने के कारण सम्बंधितों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए।
पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को भर्ती किये जाने के सम्बन्ध में रतलाम शहर 2 का प्रतिशत सबसे कम पाया गया सम्बंधित परियोजना अधिकारी को सेम बच्चों एवं चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को एनआरसी में भर्ती करवाने हेतु निर्देशित किया गया। समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण निर्बाध गति से हो सके इस हेतु स्वयं सहायता समूह से समन्वय कर शत – प्रतिशत पोषण आहार वितरण किया जाना सुनिश्चित करें। पूरक पोषण आहार एवं गर्म पका भोजन की एंट्री पोषण ट्रैकर एप में की जाए। आगामी 15 दिवस में समस्त परियोजना अधिकारियों को प्रधानमंत्री मातृ- वंदना योजना की प्रगति शत प्रतिशत किये जाने के निर्देश दिये गये।