रतलाम । श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक पर विराजित श्रमणसंघीय आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती डॉ. समकितमुनिजी म.सा. ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीव-आत्मा को सब कुछ मिलना सरल है । इस धरा पर जितनी भी सामग्री है वह मिलना कठिन नहीं है । रिश्ते, मित्र मिलना भी कठिन नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी बात है जिनेन्द्र धर्म मिलना । जिनेन्द्र धर्म जब प्राप्त हो जाता है जिनवाणी श्रमण, श्रद्धा और उस मार्ग पर आगे बढऩा और भी कठिन हो जाता है । इसलिये यदि हमें यह मार्ग मिला है तो इस पर हमें सतत् चलना चाहिए ।
आगे पूज्य गुरूदेव ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में गंभीरता होनी चाहिए । यदि व्यक्ति के जीवन में गंभीरता होगी तो व्यक्ति विवेकपूर्ण बोलेगा और कर्म करेगा । गंभीरता नहीं होगी तो वह हमेशा ही मुश्किल में रहता है । व्यक्ति तीन प्रकार के होते है पहला पोस्ट कार्ड के समान जिनके जीवन में गंभीरता नहीं होती है जिसको हर कोई पढ़ सकता है दुसरा अन्तरदेशी पत्र के समान होता है जब तक कोई उसे पूछे नहीं वह शांत रहता है लेकिन जब उसे कोई पूछे तो वह वाचाल के समान बन जाता है । तीसरा लिफाफे के समान होता है वह किसी की बात किसी को नहीं बताता है जिसे हर जगह सम्मान मिलता है । इसलिये हमें हमारे जीवन को सदैव लिफाफे के समान गंभीरतापूर्ण बनाना है । गंभीर व्यक्ति की तुलना ज्ञानीजन ने सागर से की है । हमें जीवन में सागर के समान गंभीर होने का प्रयास करना चाहिए ।
आदर्श पुुत्र-पुत्रवधु अवार्ड सम्मान समारोह
संघ अध्यक्ष सुरेश कटारिया ने बताया कि डॉ. समकितमुनिजी. म.सा. की प्रेरणा से आदर्श पुत्र-पुत्रवधु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें आदर्श पुत्र-पुत्रवधु सुभाष-संगीता पुंगलिया, अजय-अनिता मुणत, ललित-इन्दु कटारिया, सुभाष-आरती मण्डलेचा को चुना गया था जिनका सम्मान लाभार्थी परिवार शान्ताकुमारी इन्दरमलजी जैन द्वारा किया गया । सभी को माला, शॉल, शिल्ड एवं रजत सिक्के द्वारा संघ रत्न इन्दरमल जैन, दिनेश जैन, संघ अध्यक्ष सुरेश कटारिया, महामंत्री जयन्तिलाल डांगी, पूर्व अध्यक्ष प्रेमकुमार मोगरा, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, उपाध्यक्ष विनोद बाफना, अजय खिमेसरा, नवयुवक मण्डल अध्यक्ष रितेश मुणत, महिला मण्डल अध्यक्ष पिस्ता कटारिया, बहुमण्डल महामंत्री प्रीती बोथरा एवं वर्षा जैन द्वारा प्रदान कर सम्मान किया गया ।
श्रीसंघ के वरिष्ठ मनोहरलाल लक्ष्मीदेवी पुगंलिया, कचरीमल विमलाबाई मुणत, रखबचन्द मोतनबाई कटारिया, मांगीलाल रोशनबाई मण्डलेचा का भी सम्मान किया गया । कार्यक्रम का आभार गुणवन्त मालवी एवं संचालन विनोद बाफना ने किया ।