खेडब्रह्मा (जैन स्थानक भवन 3 अप्रैल 2021 ) । एक पल का सत्संग आत्मा के अनंत जन्मों के अज्ञान और पापों का ज्ञान रूपी गंगा में प्रक्षालन कर पवित्र बना देता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने खेडब्रह्मा में जैन स्थानक भवन पर संबोधित करते कहा कि कलयुग में सत्संग से बड़ा और कोई तीर्थ नहीं हो सकता ।
उन्होंने कहा कि विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर भी सरकार और वैज्ञानिक संत का निर्माण नहीं कर सकता वह तो गॉड गिफ्ट के रूप में है।
उप प्रवर्तक विनय मुनि वागीश ने बताया कि आंतरिक चेतना का विकास बिना सत्संग के कदापि संभव नहीं है अनंत जन्मों के पुण्य उदय होते हैं तभी संतों का समागम मिलता है । उप प्रवर्तक गौतम मुनि गुणाकर ने स्पष्ट कहा कि जिस क्षेत्र में संतों का आगमन होता है उसका प्रभाव इंसान पर तो क्या संपूर्ण सृष्टि मुस्काने लगती है श्रमण संघ के 10 संतों का मधुर मिलन हुआ श्री वर्धमन स्थानकवासी जैन श्रावक संघ उत्तर गुजरात अध्यक्ष श्री विनोद सूर्या ने गुरुओं का अभिनंदन किया महिला मंडल युवा मंडल ने सेवा का लाभ लिया 4 अप्रैल को प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाएगा ।