हिंसा से उठने वाली ज्वाला अपने और पराए किसी को नहीं दिखती सभी को स्वाहा कर देती है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

खेडब्रह्मा (जैन स्थानक भवन 5 अप्रैल 2021) । हिंसा से उठने वाली ज्वाला अपने और पराए किसी को नहीं दिखती सभी को स्वाहा कर देती है हिंसा का अर्थ सर्व विनाश । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने जैन स्थानक में नक्सलवादियों द्वारा कायरता पूर्ण हमले में शहीद हुए 22 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए करते कहा कि लोकतंत्र में हिंसा को कोई स्थान नहीं है विश्व का कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता ।
उन्होंने कहा कि हिंसा के मार्ग पर चलकर कोई जाति देश विकास के मार्ग पर अग्रसर नहीं हो सकता । मुनि कमलेश ने कहा कि आग से आग को नहीं बुझाई जा सकती वैसे ही हिंसा से हिंसा को तीन काल में समाप्त नहीं किया जा सकता ।
जैन संत ने बताया कि अहिंसा की महाशक्ति ही विश्व को विनाश से बचा सकती है किसी की रक्षा की बात करके हम उसका एहसान नहीं कर रहे हैं बल्कि अपने आप की रक्षा कर रहे हैं ।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि कोई हमारी अहिंसा को कायरता मांगता है तो उसके भयंकर भूल है रक्षात्मक कार्रवाई के लिए उठाया गया कठोर से कठोर कदम भी अहिंसा की श्रेणी में आता है हम किसी को छोड़ते नहीं और छोडऩे वाले को छोड़ते नहीं यह हमारी अहिंसा है अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई उप प्रवर्तक विनय मुनि वागीश ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए 6 अप्रैल को प्रात: 9:00 बजे जैन स्थानक भवन खेडब्रह्मा में गोरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा ।

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