4 वर्षो के बाद हुआ पूज्य महासतिया जी का मंगल प्रवेश

रतलाम 19 अप्रेल। जीवन बहुत छोटा है, इसे व्यर्थ करने के बजाय श्रेष्ठ और कलरफुल बनाना चाहिए। हजारों कल बीत गए और हजारों कल आएँगे, लेकिन आज एक ही है। अतः वर्तमान में जिएं, फूलों की तरह खिलें और अपने जीवन में थोड़ा-थोड़ा धर्म अवश्य जोड़ें। उक्त विचार श्रमण संघीय जैन दिवाकरीय आयाम्बिल तप आराधिका तप चकेश्वरी अरुण प्रभा जी म सा ने श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक जैन स्थानक पर आयोजित धर्म सभा मै व्यक्त किए।
महासतिया आराधना श्री जी ने एक बहुत ही सुंदर सूत्र दिया। उन्होंने बताया कि B (Birth – जन्म) और D (Death – मृत्यु) के बीच में C (Character – चरित्र) आता है। यदि हम अपने चरित्र को सुधार लें, तो जीवन सार्थक हो जाएगा। सामान्य इंसान मरने से डरता है, जबकि ज्ञानी जन्म लेने (संसार चक्र) से डरता है।
बाल साध्वी गुरुनिधि मसा ने प्रवचन में फरमाया की जीवन से तीन विकारों को ‘डिलीट’ करने की सलाह दी गई :Comparison (तुलना), Competition (प्रतिस्पर्धा), Calculation (जोड़-घटाव/स्वार्थ) ।
मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने बताया की इससे पूर्व प्रातः पूज्य महासतिया जी म. सा. आदि ठाना ने ग्राम बाजन खेड़ा से विहार कर रतलाम नगर मै मंगल प्रवेश किया। इस अवसर पर संघ के श्रावक श्रविकाओं ने बुलन्द नारों के साथ नगर प्रवेश करवाया जो नीमचौक जैन स्थानक पर धर्मसभा मै तब्दील हुआ। साथ ही कल 20 अप्रेल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर भगवान ऋषभदेव की स्तुति महान चमत्कारी भक्ताम्बर का भक्ताम्बर सम्पुट जाप का आयोजन प्रातः ठीक 08.30 बजे से 09.15 तक रहेंगा।
महासतीजी की आगवानी महेंद्र बोथरा, प्रेमकुमार जैन, सुरेश कटारिया, अजय खमेसरा, विनोद बाफना, अमृत कटारिया, मणिलाल तरसिंग, आशीष कटारिया, वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराणा आदि ने की विहार सेवा का लाभ विनोद कटारिया, पंकज पटवा, अभय गाँधी, पंकज बरबोटा, यश पूँगलिया, प्रितेश कटारिया, मनीष भटेवरा, पारस मेहता, अमित भटेवरा, महावीर कटारिया, संजय मेहता, विकास कटारिया, रितेश मूणत, सन्दीप चाणोदीया, पंकज जैन, दिलीप मेहता, सुशील बाफना आदि ने लिया।