
जावरा (नि.प्र.) । मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड जावरा द्वारा सोशल वर्क के विद्यार्थियों के बीच आदि गुरु शंकराचार्य जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं आदि गुरु शंकराचार्य के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी राजेश शर्मा, समाजसेवी वीरेंद्र सिंह चौहान, स्थानीय पार्षद शिवेंद्र माथुर एवं विकासखंड समन्वयक युवराज सिंह पंवार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता समाजसेवी राजेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने अल्पायु में ही संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उनका अद्वैत दर्शन आज भी प्रासंगिक है और हमें आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य का जीवन संघर्षों से भरा रहा और उन्होंने अपने तर्कों के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करते हुए चारों दिशाओं में मठों की स्थापना कर देश को एकता के सूत्र में पिरोया। उनका मानना था कि सभी जीवों में एक ही परमात्मा का वास है।
समाजसेवी वीरेंद्र सिंह चौहान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने भारतीय संस्कृति और अद्वैत वेदांत के माध्यम से समाज को एकता का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके जीवन से प्रेरणा लेकर नैतिक मूल्यों को अपनाने एवं समाज सेवा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विकासखंड समन्वयक युवराज सिंह पंवार ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य का जीवन ज्ञान, त्याग और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन और संस्कारों को अपनाने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए समरस समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
पार्षद शिवेंद्र माथुर ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य का जीवन अत्यंत प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने मात्र 32 वर्ष की आयु में संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का महान कार्य किया।
कार्यक्रम में परामर्शदाता अंकित ठाकुर, बबलू बैरागी, मोना महेश्वरी सहित मुख्यमंत्री नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता सुनील जमडा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन परामर्शदाता देवी सिंह राठौर ने माना।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दे गया।