राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश की प्रेरणा से विभिन्न संगठनों ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन


जावरा (अनमोल सुराना)। नगर के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर भारत की माननीय राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। इसमें देशभर में गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भारत अपनी प्राचीन सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के कारण विश्व में विशिष्ट पहचान रखता है। भारतीय संस्कृति में गौ को “माता” का दर्जा प्राप्त है और उसे समाज, कृषि एवं अर्थव्यवस्था का आधार माना गया है।
राष्ट्र संत श्री कमल मुनि कमलेश जी की पावन प्रेरणा से प्रस्तुत इस ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि गौवंश संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता से भी सीधा जुड़ा हुआ है।
ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 एवं अनुच्छेद 51(क)(g) का हवाला देते हुए सरकार एवं नागरिकों के दायित्वों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। साथ ही गौ-हत्या की बढ़ती घटनाओं को जनभावनाओं के आहत होने के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत बताया गया।
प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—
- देशभर में गौ-हत्या पर पूर्ण एवं कठोर प्रतिबंध हेतु समान केंद्रीय कानून बनाया जाए।
- गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर “राष्ट्रमाता” घोषित किया जाए।
- गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सशक्त नीति एवं पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए जाएं।
- गौ-तस्करी एवं अवैध वध पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि राष्ट्रव्यापी जनभावनाओं एवं भारत की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं वरिष्ठ संघ अध्यक्ष अभय सुराणा ने ज्ञापन का वाचन किया। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष राजकुमार हरण, सचिव आशीष सकलेचा, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष शेखर नाहर, जैन सोशल ग्रुप सेंट्रल के अध्यक्ष संजय सुराणा, सचिव अमित चतर, श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर चौपाटी के पुष्पेंद्र गंगवाल, अ.भा. जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय मंत्री अभय श्रीमाल, वरिष्ठ संघ के बसंतीलाल चपड़ोद, ऋषभ छाजेड़, अशोक मेहता सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में आभार प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष एवं श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति के सचिव राजकुमार हरण ने किया।