

रतलाम 16 मई । राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर आज जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार डेंगू नियंत्रण और रोकथाम के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेन्द्र मौर्य, जिला सलाहकार प्रमोद प्रजापति और जिला कम्युनिटी मोबिलाइज श्री कमलेश मुवेल की उपस्थिति में संपन्न हुई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व शहर में मच्छरों के पनपने पर रोक लगाना और अंतर-विभागीय समन्वय से मैदानी स्तर पर महाभियान चलाना है।
कार्यशाला में शहरी वार्डों की समस्त आशा कार्यकर्ता, मलेरिया विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी और नगर निगम के स्वच्छता निरीक्षक मुख्य रूप से शामिल हुए।
हर रविवार-डेंगू पर वार अभियान पर रहेगा जोर
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेन्द्र मौर्य ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि डेंगू से बचाव ही इसका सबसे बड़ा उपचार है। उन्होंने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देशित किया कि संयुक्त रूप से जलजमाव वाले हॉटस्पॉट की पहचान करें और सघन फॉगिंग व लार्वा सर्वे अभियान चलाएं।
स्रोतों के खात्मे के लिए मनेगा ड्राय-डे
जिला सलाहकार प्रमोद प्रजापति ने तकनीकी सत्र में बताया कि लार्वा को पनपने से रोकना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अमले को निर्देश दिए कि वे नागरिकों को घरों में कूलर, टंकियों, गमलों और कबाड़ में जमा पानी को हर सप्ताह अनिवार्य रूप से खाली करने (ड्राय-डे मनाने) के लिए प्रेरित करें।
आशा कार्यकर्ता संभालेंगी डोर-टू-डोर मोर्चा
कार्यशाला में मैदानी रणनीति तय करते हुए आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे हर घर जाकर पानी के बर्तनों की जांच करेंगी और ठहरे पानी में एंटी-लार्वा केमिकल (टेमीफोस) का छिड़काव करेंगी। साथ ही, क्षेत्र में बुखार के मरीजों की निगरानी कर उन्हें तुरंत शासकीय चिकित्सालय भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी।
डेंगू बचाव एवं नियंत्रण की दिलाई गई शपथ
कार्यशाला के समापन अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों, स्वच्छता निरीक्षकों, मलेरिया विभाग के कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं को डेंगू बचाव एवं नियंत्रण संबंधी सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं सजग रहेंगे और समाज को भी अपने आसपास जलजमाव न होने देने तथा मच्छरों के खात्मे के लिए जागरूक करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला मलेरिया विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और तेज बुखार या बदन दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त जांच एवं उपचार करवाएं।