धरोई मेहसाना । मंदबुद्धि वाले प्राणियों को प्रशिक्षण दिया जाए तो उनमें भी प्रतिभा का विकास हो जाता है वह भी कौड़ी से करोड़ों के बन जाते हैं तो भला इंसान को प्रशिक्षण मिले तो उसका विकास क्यों नहीं हो सकता उक्त विचार राष्ट्रसंत संत कमलमुनि कमलेश ने मेहसाणा जिला प्रवेश पर प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते कहा कि प्रशिक्षण से आंतरिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने बताया कि कम समय शक्ति और पैसे में प्रशिक्षण के माध्यम से हजार गुना ज्यादा सफलता प्राप्त की जा सकती हैं ।
मुनि कमलेश ने कहा कि प्रशिक्षक के अभाव में तीन लोक की संपत्ति विज्ञान और सरकार भी उसकी पूर्ति नहीं कर सकते प्रशिक्षक परमात्मा का दूसरा रूप है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि प्रशिक्षण के अभाव में साधना आराधना के द्वारा लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
जैन संत ने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षाओं को वैज्ञानिक ढंग से पुष्ट करते हुए कुल पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए तभी अच्छे संस्कारों के निर्माण से चरित्र निर्माण संभव है घनश्याम मुनि गौतम मुनि अरिहंत मुनि ने विचार व्यक्त किए कौशल मुनि अक्षय मुनि ने मंगलाचरण दो-तीन दिन तरंगा तीर्थ में विराज ने की संभावना है मेहसाणा होकर शंखेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ होकर राजकोट गुजरात चातुर्मास के लिए प्रस्थान करने का भाव है।