
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । श्रंमण संस्कृति महामहिम आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से दीक्षित परमआर्यिका श्रुतमति माताजी की समाधि हुई। आज सुबह रीवा के पास एक वाहन चालक की टक्कर से दुर्घटना में समाधि हो गई उनके साथ उपसममति माताजी भी घायल हो गई है जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। समाज प्रवक्ता राजेश जैन दद्दू ने बताया कि माता जी सुबह जंगल सोच के लिए जा रही थी उसी समय किसी बड़े वाहन ने उन्हें कुचल दिया दो अन्य माताजी भी चपेट में आने से बच गई। वर्तमान में भी आर्यिका सौम्यमती माताजी के संघ में विराजमान थी।
आर्यिका श्रुत माता जी की आर्यिका दीक्षा 13 फरवरी 2006 को सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य भगवन श्री विद्यासागर महाराज के कर कमलों से हुई थी।
29 मई 1998 को भाग्योदय तीर्थ सागर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लिया था उच्च शिक्षित माताजी ने एमएससी मानव शास्त्र और एम.ए. संस्कृत से किया था
दद्दू ने बताया कि माताजी के ग्रहस्थ अवस्था के बड़े भाई श्रंमण पथ पर आचार्य संघ में मुनि श्री अचलसागर महाराज है और वर्तमान में तारादेही जिला दमोह में विराजमान है। माता जी सागर नगर के रामपुरा वार्ड की निवासी थी। घटना रीवा नगर की बताई जा रही है। इस दुखद घटना की पुष्टि माताजी के ग्रहस्थ अवस्था के भाई आलोक जैन ने भी पुष्टि की है। इस घटनाक्रम से भारत वर्षीय जैन समाज अहात एवं चिन्तित है इंदौर दिगम्बर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन समाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल राष्ट्रीय जिन शासन एवं विश्व जैन संगठन के मयंक जैन, हर्ष जैन हंसमुख गांधी टीके वेद सुशील पांड्या एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद् की संभाग अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, रेखा जैन श्रीफल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से अनुरोध किया कि वाहन चालक को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।