
कोडरमा । अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता भारत गौरव साधना महोदधि अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज कह रहे थे हमारे देश में गांधी जी ने दांडी यात्रा निकाली विनोबा भावे ने पदयात्रा निकाली आचार्य तुलसी ने अहिंसा यात्रा निकाली और हम अहिंसा संस्कार पदयात्रा के माध्यम से संस्कारों का शंखनाद कर रहे हैं । हमारी इस पदयात्रा को आसाम के राज्यपाल अजय सिंहा जी, मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने 2004 में इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान कराया था उन्होंने पूछा हमसे गुरुदेव इस यात्रा का उद्देश्य क्या है हमने कहा नष्ट होती नैतिकता गुम होते आदर्श विलुप्त होती मानव सेवा और लुप्त होती आगम परंपरा का शंखनाद करना है आज देश में भाई तो जिंदा है भाईचारा मर रहा है अपने घर में एक ऐसा पेड़ लगाओ की उसकी छांव और फल पड़ोसी को भी मिलते रहे । आज लगभग 4000 किलोमीटर की यात्रा करते हुवे तीर्थराज की ओर कदम बढ़ाते हुवे कहा कि सभी भक्त अपना ध्यान रखे और संयम में रहकर मास्क ओर दूरी का ध्यान रखे, तप-साधना,चौपारण, जिला हजारीबाग, झारखंड में विहार के दौरान इस भीषम गर्मी में धूप में तप साधना करते हुए।
गुरूदेव की आज की सामयिक के दर्शन गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा, नवीन जैन ने दी ।