कथा में शिव पार्वती विवाह को जीवंत प्रस्तुत कर दर्शकों ने बहुत उत्साह से मंगलाचार करके संपन्न करवाया


रतलाम। अन्याय और अत्याचार जब पृथ्वी पर बढ़ जाते हैं तब तक देवताओं को अपना कर्तव्य निभाने के लिए धरती पर आना पड़ता है चाहे राम अवतार हो कृष्णा हो या फिर नरसिंह अवतार हो यह सब हमारे सनातन सभ्यता में सत्य की स्थापना और अन्याय के विरुद्ध धर्म न्याय और विश्वास की जीत का प्रतीक है हिरण्यकश्यप के अत्याचार और अहंकार से पृथ्वी पर प्रत्येक प्राणी त्रस्त था उसके अत्याचार के विरुद्ध उसके ही पुत्र भक्त प्रहलाद ने संघर्ष का शंखनाद किया। भक्त प्रहलाद को विश्वास था कि जो उसके पिता कर रहे हैं वह अन्याय है गलत है और इसके लिए उन्हें अवश्य दंड मिलेगा भक्त प्रहलाद को अपनी भक्ति पर भरोसा था ईश्वर पर विश्वास था सत्य का भरोसा था और इसलिए भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप के नाश के लिए नरसिंह अवतार लिया भगवान ने उसका वध करके न सिर्फ पृथ्वी को उसके पाप अत्याचार से मुक्त किया अपितु ईश्वरीय महिमा को भी स्थापित किया ईश्वर की भक्ति और साधना का मूल्य लोगों को समझाया भक्ति कभी भी निरर्थक नहीं जाती है उसका ईश्वर से सीधा संबंध रहता है इसलिए भजन कीर्तन और सत्संग से हम प्रभु को प्रसन्न कर सकते हैं। प्रभु भक्ति में विश्वास रखें निरंतर भक्ति करने से ही ईश्वर के दर्शन होते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन के मोक्ष का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है इस पर प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी को चलना होगा तभी हम समाज में राम राज्य जी की स्थापना कर पाएंगे प्रत्येक प्राणी राम राज्य की अवधारणा से सुखी हो पाएगा।
उपरोक्त उद्गार लायन साल में सोनी परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन प्रसिद्ध कथा वाचक भागवत आचार्य डॉ नीना शर्मा ने उपस्थित धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए कहे । आपने कहा कि सनातन सभ्यता विराट सभ्यता है हमारी शाश्वत परंपराएं असंख्य है उनका मानव जीवन में अत्यंत महत्व है हमारी दिनचर्या हमारे आचरण हमारे कर्म और मोक्ष सभी इस सभ्यता का मूल है इसलिए हमारी धार्मिक मान्यताओं का कभी उपवास न उड़ाए। आपने नारी जीवन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसका बखूबी चित्रण किया प्रत्येक पुरुष और नारी को अपने जीवन में मर्यादित जीवन जीने का अनुरोध किया पुरुष केवल अपनी पत्नी से प्रेम करें। पत्नी भी अपने पति को परमेश्वर मानते हुए उसका सम्मान करें यही सुखी जीवन का मूल मंत्र है।
कथा में आज प्रतीकात्मक शिव पार्वती विवाह को जीवंत प्रस्तुत कर दर्शकों ने बहुत उत्साह से मंगलाचार करके संपन्न करवाया। कथा समाप्ति के पश्चात प्रसादी और महा आरती में श्रीमती सरोज सोनी मंजू सोनी नरेंद्र सोनी स्नेहलता सोनी संतोष सोनी विकास सोनी विजय सोनी आदित्य सोनी कुंतल शर्मा रानी जोशी शेखर गुप्ता हितेंद्र आदि उपस्थित थे आरंभ में लायंस क्लब रतलाम गोल्ड द्वारा भागवत आचार्य डॉ शर्मा का शाल श्रीफल से अभिनंदन किया गया इस दौरान अध्यक्ष पुष्पा वासन कल्पना राजपुरोहित आशा चौधरी आरती त्रिवेदी कविता राजपुरोहित भावना राजपुरोहित कोमल पोरवाल वैशाली माचवे अर्चना अग्रवाल आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन दिनेश शर्मा तथा आभार नरेंद्र सोनी ने व्यक्त किया।