
मैसूर । मैसूर मैं विराजित श्रमण संघीय मंत्री राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश का अग्रवाल समाज, जयलक्ष्मीपुरम द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें समाज के सर्वोच्च सम्मान “अग्रवाल रत्न” से अलंकृत किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने कहा कि संतों को केवल धर्मस्थलों तक सीमित न रहकर मानवता के बगीचे का माली बनना होगा। ज्ञान, संस्कार, शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज में नैतिक जागरण लाने का कार्य ही सच्ची साधना है। उन्होंने कहा कि हिंसा, नशा, भ्रष्टाचार, मिलावट, अंधविश्वास तथा बढ़ते सामाजिक अपराध मानवता के लिए गंभीर चुनौती हैं। सभी धर्मों के धर्मगुरुओं को एक मंच पर आकर सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध वैचारिक क्रांति का शंखनाद करना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक संत द्वारा एक-एक गांव गोद लेकर शिक्षा, चिकित्सा, सेवा एवं संस्कारों के क्षेत्र में कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही सरकार से प्लास्टिक एवं नशे के उत्पादन पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता भी बताई।
अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री कृष्ण मित्तल ने कहा कि राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश गत 47 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, गो-रक्षा, सर्वधर्म सद्भाव, राष्ट्रीय एकता एवं विश्व शांति के लिए निरंतर पदयात्रा कर समाज में जागृति का कार्य कर रहे हैं। उनके सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों से प्रेरित होकर अग्रवाल समाज ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान “अग्रवाल रत्न” से सम्मानित किया।
समारोह में अग्रवाल समाज, सकल जैन समाज तथा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के अनेक पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर राष्ट्र संत का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में सक्षम मुनि, अक्षत मुनि, कौशल मुनि एवं घनश्याम मुनि ने भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए।
उक्त जानकारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने दी।