

रतलाम, 22 जुलाई । गो माता धर्म अर्थ काम ओर मोक्ष कि प्रदाता तो है इसके अलावा संपूर्ण सुख गो माता प्रदान करती सभी सुखों में चार प्रकार के प्रधान सुख माने जाते हैं सदगृहस्थ के जीवन में पहला सुख निरोगी काया दूसरा सुख धन माया तीसरा सुख संतान आज्ञाकारी चोथा सुख सुलक्षणा नारी । मनुष्य को यह चारों सुखों की प्राप्ति हो जाय तो उसका जीवन धन्य हो जाता है।
उक्त उगदार स्थानीय अमर वाटिका, संत रविदास नाका में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय गौ कथा एवं दिव्य दरबार के तृतीय दिवस पर गौ क्रांतिकारी संत श्री गौ शरणानंद जी सरस्वती के व्यक्त किए
संत श्री ने कहा कि संत श्री ने कहा कि आज संतान आज्ञाकारी वाले विषय पर प्रकाश डाला गया मां अगर संस्कार वान धर्मात्मा होगी तो संतान भी संस्कार वाले जन्म लेकर आएगी संतान को संस्कार गर्व से प्राप्त प्राप्त होते हैं 16 संस्कार में सबसे पहले संस्कार ही गर्भाधान संस्कार है और आज वो ही बिगड़ता जा रहा है ना माता पिता कि पवित्रता से ही संतान पवित्र आत्मा जन्म लेकर आती हैं
आजके भौतिकवाद ने सब बिगाड़ा है।
इस अवसर पर विशाल हिंदू सेना द्वारा संत श्री का शाल श्रीफल से अभिनन्दन किया गया जिसमे प्रमुख रूप से राकेश शर्मा जिला अध्यक्ष प्रवीण वाघेला नवीन पवार कृष्ण दास बैरागी शकुंतला शर्मा भारती यादव माया खंडेला संगीता परिहार रीना टॉक कविता शर्मा संतोष कुंवर एवं अन्य पधिकारी उपस्थित थे। साथ ही नर्मदेश्वर महादेव महिला मंडल द्वारा चंद्रशेखर बहादर उर्मिला बहादर ज्योति सांखला संगीता कपूर सरोज कपूर काजल सांखला शिवम राठौड़ शुभम बहादर चेतन सांखला राजेंद्र भट्ट कान्हा सिंह सेन प्रवीण वाघेला आदि ने भी व्यास पीठ पर संत श्री का अभिनन्दन किया ।
कथा विश्रांति उपरांत में गौमाता की आरती संपन्न हुई। आरती में पूर्व पार्षद अशोक देवड़ा, राधेश्याम बोदलिया, गोपाल सोलंकी, नंदकिशोर सांखला शांति बाई सांखला, राघव पंड्या रमेश सांखला सरोज सियाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया।