मिलना-बिछडना संसार का सत्य- श्रमण संघीय प्रर्वतक श्री प्रकाशमुनिजी मसा

रतलाम, 18 अगस्त। जीव कभी अजीव नहीं होता और अजीव कभी जीव नहीं होता। जीव जन्म नहीं लेता अपितु शरीर जन्म लेता है। शरीर रूपी पुदगल का जन्म होता है,तो नाश भी होता है। आत्मा अनंतकाल से है और रहेगी, इसे पुदगल मिलते और बिखरते है। परिवार में भी हम मिलते है और बिखरते भी है। ये मिलना-बिछडना ही संसार का सत्य है।
यह बात रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय ने कही। मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में प्रवचन देते हुए मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य पूज्य प्रवर्तकश्री ने कहा कि जो बिछडा है, वह मिलेगा और जो मिला है, वह बिछडेगा भी, लेकिन आत्मा शाश्वत रहेगी। विडंबना है कि वर्तमान में लोग शरीर रूपी पुदगल के साथ जी रहे है और उसी की चिंता कर रहे है। शरीर को ही आत्मा मानना उचित नहीं है।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि प्रभु महावीर ने सबके हित के लिए सम्यत्व की दिव्य देशना दी है। सम्यत्व से ही मिथ्यात्म का नाश होता है। हमारी गलत धारणाएं मिथ्यात्म है। इनसे बचना चाहिए, क्योंकि मिथ्यात्म को खत्म करने में बहुत मेहनत और पुरूषार्थ लगता है। मिथ्यात्म को तोडने के लिए जन्म-जन्म तक साधना करनी पडती है। सदगुरू ही इसका मार्ग दिखाते है। वे संसार में नहीं उलझते, अपितु संसार की उलझन ही मिटा देते है। सदगुरू जीवन का कल्याण कर संसार से पार भी कराते है और मोक्ष तक ले जाते है।
आरंभ में उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ने संबोधित किया। नागदा से आए सकल श्री संघ ने प्रवर्तकश्री से आगामी वर्षावास की विनंती की। इससे पूर्व कई तपस्वियों ने विभिन्न तप आराधना के प्रत्याख्यान लिए। इस दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा, उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8 एवं महासती श्री चंदनबालाजी मसा एवं सेवाभावी श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। संचालन प्रकाश मूणत एवं आयुष गंग ने किया। प्रवचन में श्री धर्मदास जैन श्री संघ सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *