- रतलाम जिले में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति 44.17 प्रतिशत, 2.92 लाख भूमि स्वामियों की रजिस्ट्री पूर्ण
- अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए कलेक्टर श्री कटेसरिया ने दिए निर्देश
रतलाम 19 अगस्त । रबी वर्ष 2026-27 में किसानों को आवश्यक उर्वरक सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने, ई-विकास प्रणाली में टोकन जनरेशन एवं पोर्टल की सुविधाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने, सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने, बकेटिंग के लंबित प्रकरणों के निराकरण, पैक्स में अधिकाधिक किसानों को सदस्य बनाने तथा केसीसी सेचुरेशन के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा प्रदेशव्यापी “एग्रीस्टेक, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान” 20 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत पैक्स स्तर पर नवीन सदस्यों को जोड़ने, किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने, अग्रिम उर्वरक उठाव कराने, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषक सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराने तथा ई-टोकन प्रणाली में उपलब्ध सुविधाओं का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पैक्स स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है अथवा उसमें सभी खाते शामिल नहीं हैं, उनकी सूची ग्राम पंचायत में संबंधित पटवारी द्वारा पढ़कर सुनाई जाएगी तथा शेष खातों की फार्मर आईडी बनाने एवं सभी खातों को फार्मर आईडी में शामिल करने की कार्रवाई संबंधित हल्का पटवारी द्वारा की जाएगी।
रतलाम जिले में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति 44.17 प्रतिशत है। जिले में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की प्रगति लगातार बढ़ाई जा रही है। 19 अगस्त 2026 की स्थिति में जिले के कुल 6,61,292 भूमि स्वामियों में से 2,92,101 भूमि स्वामियों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। इस प्रकार जिले में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति 44.17 प्रतिशत है, जबकि 3,69,191 भूमि स्वामियों की फार्मर रजिस्ट्री शेष है। तहसीलवार स्थिति के अनुसार आलोट में 33,216 पूर्ण एवं 31,612 शेष, बाजना में 19,224 पूर्ण एवं 22,475 शेष, जावरा में 44,498 पूर्ण एवं 64,187 शेष, पिपलौदा में 41,398 पूर्ण एवं 47,284 शेष, रतलाम ग्रामीण में 52,395 पूर्ण एवं 63,718 शेष, रतलाम नगर में 15,354 पूर्ण एवं 32,688 शेष, रावटी में 20,231 पूर्ण एवं 25,768 शेष, सैलाना में 33,689 पूर्ण एवं 45,211 शेष तथा ताल में 32,096 पूर्ण एवं 36,248 भूमि स्वामियों की फार्मर रजिस्ट्री शेष है।
फार्मर आईडी किसानों के लिए महत्वपूर्ण
फार्मर आईडी किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। फार्मर आईडी फसल उपार्जन, उर्वरक प्राप्ति, अनुदान पर बीज प्राप्त करने, फसल प्रदर्शन, कृषि यंत्रों पर अनुदान, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा ई-मंडी में फसल उत्पाद विक्रय सहित विभिन्न किसान हितैषी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने अभियान के सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान जिले के प्रत्येक पात्र किसान तक योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है अथवा उसमें सभी भूमि खाते शामिल नहीं हैं, उनका चिन्हांकन कर शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्व, कृषि, सहकारिता एवं संबंधित विभागों के मैदानी अमले को समन्वय के साथ कार्य करने तथा पैक्स स्तर पर किसानों को फार्मर आईडी, ई-टोकन, केसीसी, अग्रिम उर्वरक उठाव एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि अभियान के दौरान प्राप्त प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए।