चातुर्मास के दौरान श्रमण संघीय प्रर्वतक श्री प्रकाशमुनिजी मसा की निश्रा में लगी तपस्या की झडी

रतलाम, 20 अगस्त। रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय की निश्रा में आयोजित भाग्य से सौभाग्य की और जन्मभूमि वर्षावास में तपस्या की झडी लग गई है। गुरूवार को कान्ताबेन-बसंतीलाल पितलिया ने मासक्षमण पूर्ण करते हुए 31 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। इससे पूर्व सौम्य-रखबचंद चत्तर ने 30 उपवास और राकेश-चिमनलाल छाजेड ने 31 उपवास कर मासक्षमण की दीर्घ तप आराधना की।मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य प्रवर्तकश्री प्रकाश मुनिजी मसा ठाणा-2, महासती श्री चन्दनबाला जी मसा एवं महासती श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8 के पावन सानिध्य में कई तपस्वी कठोर तप आराधना कर रहे है। नेहा-अनुराग भरगट ने 28 उपवास, संतोष-राजेश भरगट, अमर-इंदरमल गांधी, ममता-मनीष मंडलेचा, कुसुम-राजकुमार पितलिया , किरणबाला-अशोक मांडोत ने 24-24, प्रज्ञा-निलेश चत्तर ने 23, अदिती-मयूर गांधी ने 18 और मोक्षा-मुकेश भरटग ने 6 उपवास के प्रत्याख्यान लिए।इससे पहले जयश्री-निलेश सेलोत ने 16 उपवास, नमन-प्रवीण मूणत, हर्ष-अशोक मूणत, सार्थक-मनीष मंडलेचा, अनुजा पितलिया, पूजा पटवा, कुसुम-प्रवीणकुमार झामर, वंदना-सुनील पिपाडा एवं अंकित गोलेछा ने 11-11, पारसमल छाजेड, भंवरलाल वोरा ने 9-9 प्रियंका-हर्षित राठोड, श्रेयांश-ऋषभ मूणत, आराध्या-ऋषभ मूणत, साधना-विकास मेहता, स्नेहलता-बाबुलाल सेलोत ने 8-8, दीपा-कमल चैरडिया, सौम्य-कमल मूणत, निधि-अर्पित मूणत ने 6-6 और इशिका-हर्ष मूणत ने 5 उपवास की तप आराधना पूर्ण की है। कई तपस्वी गुप्त रूप से तप आराधना कर रहे है, तो कई तपस्वियों द्वारा वर्धमान तप की ओली, निरंतर एकासन, अणु तप, आयंबिल, तेले, बेले एवं धर्म चक्र की तपस्या की जा रही है।

साधना से पहले हदय की शुद्धि अनिवार्य

रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय ने मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में प्रवचन देते हुए गुरूवार को कहा कि साधना से पहले हदय की शुद्धि अनिवार्य है। किसान जैसे फसल से पहले खेत तैयार करता है, उसी प्रकार साधना से पहले हदय की शुद्ध करना पडता है। इस शुद्धि के बिना साधना नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि चिंतन से कर्मों की निर्झरा होती है। ध्यान सबसे बडा तप होता है। जीव-अजीव पर गहरा चिंतन करने पर केवल ज्ञान होता है। प्रवचन के आरंभ में उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ने संबोधित किया। नागदा जंक्शन से आए सकल श्री संघ ने प्रवर्तकश्री से आगामी वर्षावास की विनंती की। श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत ने तपस्वियों के तप की अनुमोदना करते हुए भाग्य से सौभाग्य वर्षावास पर प्रकाश डाला। संचालन आयुष गंग ने किया।इस दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा, उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8 एवं महासती श्री चंदनबालाजी मसा एवं सेवाभावी श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। प्रवचन में श्री धर्मदास जैन श्री संघ सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण के साथ ओरंगाबाद नासिक, लिमडी, मेघनगर, बदनावर, इंदौर, खाचरौद, उज्जैन एवं नागदा जंक्शन के गुरूभक्त उपस्थित रहे। अंत में बसंतीलाल पितलिया एवं पारसमल भरगट परिवार द्वारा प्रभावना का वितरण किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *