
इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। श्रमण संस्कृति के महाश्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज ने आज गुरुवार को दलाल बाग में प्रवचन देते हुए प्रेरणास्पद महत्वपूर्ण सूत्र दिए ।
मुनि श्री ने कहा कि *मोक्ष चाहिए तो संसार मार्ग का त्याग करें।
*अशुद्धता को शुद्धता का चोला मत पहनाओ,अशुद्धि मे धर्म क्रिया करना और साधु को आहार देना पाप है।
*पाप बुरा है पर पाप पर धर्म की शील लगा देना उससे भी ज्यादा बुरा पाप है।
*गुरु से कभी भी अपनी बुराई कभी मत छिपाना,पाप अपराध होने पर गुरु के पास प्रायश्चित लेने जाना लेकिन उनसे अपने द्वारा हुए अपराध,पाप और अशुद्धि पर धर्म और सत्यता की शील लगवाने मत जाना।
*आत्मा और परमात्मा दुनिया में सबसे बड़े गवाह हैं इनसे कोई चीज छुपती नहीं।
*व्यक्ति को सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब उसकी संतान अपनी ही जाति में शादी करे
इसलिए प्रत्येक युवक युवती अपने मां-बाप की खुशी के लिए अपनी ही जाति में विवाह करने का संकल्प लें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
*शाकाहारी बनें और मांसाहार का त्याग करें। प्रत्येक व्यक्ति हर तरह के नशे के त्याग का संकल्प ले और व्यसन मुक्त जीवन जिएं।शराब जीवन को करे बर्बाद इस सूत्र को याद रखें। शास्त्र में भी लिखा है कि शराब का स्वाद कुत्ते के मूत्र के समान होता है अतः सुखी स्वस्थ जीवन का आधार,
शराब,गांजा, भांग, गुटका तंबाखू आदि का करो बहिष्कार।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि धर्म सभा में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के अध्यक्ष श्री मनोहर झांझरी एवं शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल के नेतृत्व में फेडरेशन के अमित कासलीवाल, सुशील पांड्या,राकेश विनायका, प्रदीप चौधरी भुपेंद्र जैन ऋषभ जैन संजय पापडीवाल आशीष जैन विपुल बांझल, पार्षद राजीव जैन,भूपेंद्र जैन, आलोक आकाश जैन कोल आदि सदस्यों ने श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर अमित कासलीवाल ने मुनिश्री को सोशल ग्रुप एवं फेडरेशन की स्थापना का उद्देश्य एवं गतिविधियों की जानकारी से अवगत किया और पर्युषण पर्व के अवसर पर लगने वाले धर्म संस्कार शिविर में ग्रुप के सदस्य नाम के लिए नहीं काम के लिए हर तरह का सहयोग देने की इच्छा व्यक्त की एवं सहयोग का आश्वासन दिया धर्म सभा का संचालन अनुराग जैन ने किया।