राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व स्वयंसेवकों ने गुरु सम्मान समारोह आयोजित कर सेवानिवृत्त हो रहे प्रो. डॉ. एस. एस. मौर्य को किया सम्मानित

रतलाम। राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा आपसी सहयोग एवं आत्मीय सहभागिता से प्रो. डॉ. एस. एस. मौर्य के सेवानिवृत्ति अवसर पर आयोजित गुरु सम्मान समारोह गरिमामय एवं भावपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े लगभग 25 वर्षों के पूर्व स्वयंसेवकों ने एकत्रित होकर अपने गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं आत्मीय भाव व्यक्त करते हुए इस समारोह को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांवलिया पंवार द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात डॉ. अभिषेक मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर मनजीत सिंह सलूजा, पूर्व जिला संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना, नीमच ने की। समारोह के मुख्य अतिथि आर. के. विजय, पूर्व राज्य संपर्क अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना, भोपाल रहे। विशेष अतिथियों में प्रो.डॉ. आर. पी. पाटीदार पूर्व कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं वर्तमान प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय सैलाना,प्रो. गोपाल खराड़ी, वर्तमान जिला संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना, जिला रतलाम तथा प्रो.एस. एस. रावत, पूर्व कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना, शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का परिचय पंकज व्यास द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा समारोह का प्रभावी संचालन सांवलिया पंवार ने किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सेवानिवृत्ति के अवसर पर प्रो. डॉ. एस. एस. मौर्य का गुरु सम्मान रहा। सभी पूर्व स्वयंसेवकों की ओर से उन्हें शॉल,साफा श्रीफल, स्मृति-उपहार एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व स्वयंसेवकों ने अपने गुरु के प्रति सम्मान एवं उनके मार्गदर्शन से प्राप्त अनुभवों को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त किया।
समारोह में उपस्थित अन्य सभी अतिथियों का भी पूर्व स्वयंसेवकों की ओर से शॉल,साफा, श्रीफल एवं स्वामी विवेकानंद जी का चित्र भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान वातावरण आत्मीयता एवं गुरु-शिष्य परंपरा के भाव से ओत-प्रोत रहा।
मुख्य अतिथि आर. के. विजय ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक एवं शत-प्रतिशत सफल कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वयंसेवकों के जीवन में अनुशासन, सेवा, नेतृत्व, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों का निर्माण करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा अपने गुरु के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम को अनुकरणीय पहल बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व स्वयंसेवकों ने एक-एक कर अपना परिचय देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। स्वयंसेवकों ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से प्राप्त संस्कार, अनुशासन, सामाजिक चेतना और सेवा भावना ने उनके जीवन को नई दिशा प्रदान की। गुरु के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए अनेक स्वयंसेवक भावुक भी हुए।
समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें कृष्ण महावीर खेर, प्रकाश नागदिया, डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. संजय आटेड़िया, कैलाश सोनार्थी, दयाराम मेलका, डॉ. अर्जुन सिंह पंवार, डॉ. अर्जुन लाल नागर, प्रो. भरत नागर, अनोखी लाल नागर, श्याम लाल चौहान, श्रवण मालवीय, परमानंद सरवार, अशोक पाटीदार, आशीष मावर, विकास बौरासी, मिथिलेश शास्त्री, रोहतास पुष्कर, धन्नालाल पाटीदार, गोविंद पाटीदार, अरविंद पाटीदार, वर्दीचंद नागर, प्रकाश मालवीय, संतोष पाटीदार, अतुल नागर, सुखदेव नागर, इमामुद्दीन मंसूरी, भूपेंद्र सिंह महेचा एवं जगदीश नागर सहित अनेक पूर्व स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी गुरुजनों के प्रति स्नेह एवं समर्पण देखकर प्रो.डॉ.एस.एस.मौर्य द्वारा सभी पूर्व स्वयंसेवकों को पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।
समारोह के अंत में संजीव सोलंकी ने सभी अतिथियों, पूर्व स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि सभी पूर्व स्वयंसेवकों के सामूहिक सहयोग और आत्मीय सहभागिता के कारण यह गुरु सम्मान समारोह सफल एवं अविस्मरणीय बन सका।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा गुरु के सम्मान में आयोजित यह समारोह गुरु-शिष्य परंपरा, सेवा भावना, आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।

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